बृहस्पतिवार रात यमुनोत्री हाईवे पर बैक करते समय बोलेरो वाहन गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में तीन तीर्थयात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 घायल हो गए। सभी तीर्थयात्री महाराष्ट्र के थे और यमुनोत्री धाम से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि अन्य वाहन को पास देने के लिए चालक गाड़ी को बैक कर रहा था और इसी दौरान खाई में जा गिरा।
घटना बृहस्पतिवार रात करीब साढे़ नौ बजे यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी-डबरकोट के समीप हुई। वाहन में दो बच्चों सहित 13 लोग सवार थे। दुर्घटना की सूचना पर एसडीआरएफ व पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया। सीओ बड़कोट सुरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि हादसे में एक महिला समेत तीन तीर्थयात्रियों की मौत हुई है। 10 तीर्थयात्री घायल हुए हैं। खाई से निकालकर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट लाया गया, जहां से सभी को रेफर कर दिया गया है। सीओ ने बताया कि तीर्थयात्रियों के शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में रखा गया है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है। परिजनों के पहुंचने पर शव उन्हें सौंप दिए जाएंगे।
मरने वालों में वाहन चालक पूरन नाथ पुत्र भोपाल नाथ निवासी अंधेरी ईस्ट, मुंबई, जयश्री (23) पुत्री अनिल कोसरे निवासी भंडारा महाराष्ट्र, अशोक शैंडे (40) पुत्र महादेवराव निवासी नागपुर महाराष्ट्र शामिल हैं। घायल होने वालों में बालकृष्ण जीटू (41), अमू (4) पुत्री अशोक शैंडे, रचना (38) पत्नी अशोक शैैंडे, दिनेश वडईक (35), कृषिता (15) पुत्री अशोक शैंडे, मोनिका (24) पत्नी बालकृष्ण कोसरे, कोषी (10) पुत्री प्रशांत दोरवे, लक्ष्मी पत्नी बालकृष्ण, प्रेरणा (08) पुत्री प्रशांत व प्रमोद चौबकर (52) पुत्र तुलसीराम सभी निवासी महाराष्ट्र शामिल हैं।
वाहन को मिला था ग्रीन कार्ड
दुर्घटनाग्रस्त वाहन को ग्रीन कार्ड मिला था। उक्त वाहन के सभी कागज पूरे थे। वाहन चालक सहित 10 सवारियों के लिए स्वीकृत था। जबकि, इसमें 13 लोग सवार थे। हालांकि इनमें 4 बच्चे थे और इनमें तीन की उम्र 10 वर्ष से कम थी। इसलिए पुलिस ओवर लोडिंग व ओवर स्पीड को दुर्घटना का कारण नहीं मान रही है। पुलिस का कहना है कि बैक करते हुए अचानक हादसा हुआ है।
10 बजे के बाद वाहनों पर है प्रतिबंध
पहाड़ी क्षेत्रों में 10 बजे बाद वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध है। पुलिस का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों की संख्या अधिक होने से कई बार तीर्थयात्री घंटों जाम में फंस रहे हैं। ऐसे में तीर्थयात्री देर रात तक सफर कर रहे हैं। यात्रियों को बीच रास्ते में नहीं रोका जा सकता। इसलिए कई बार यात्री वाहन 10 बजे बाद ही आवागमन कर रहे हैं।