- संक्रमित मरीजों को लगी ऑक्सीजन ट्यूब का बार-बार इस्तेमाल न करना और ट्यूब में नमी न होने दें।
- ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान ह्यूमिडिफायर के लिए स्वच्छ पानी का प्रयोग करें।
- कोरोना मरीजों को स्टेरॉयड का प्रयोग तर्कसंगत किया जाए।
- एंटीबायोटिक व एंटीफंगल दवाइयों का प्रयोग सही ढंग से करें।
- अस्पताल या घरों में सीलन या नमी न होने दें।
- कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों की विशेष निगरानी की जाए।
- कोविड मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी शुगर से नियमित जांच करें।
- धूल व मिट्टी के संपर्क में आने से बचें।
- मधुमेह को नियंत्रण करना।
- शरीर में लोहे तत्व की मात्रा ज्यादा न होने दें।
- नाक के आसपास जमा ब्लैक फंगस को सर्जरी से निकाला जाए।
ब्लैक फंगस संक्रमण के लक्षण
- आंख, नाक के पास लालिमा और चेहरे पर एकतरफा सूजन।
- नाक व मुंह से बलगम में खून निकलना।
- मुंह से दुर्गंध आना।
- आंखों, पलकों में सूजन के साथ आंखों की रोशनी कम होना।
- बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, दर्द।
- मानसिक स्थिति में बदलाव