कैंट क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सविता कपूर
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कैंट विधान सभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी सविता कपूर की जीत कई मायनों में ऐहतिहासिक रही। बगावत, भीतरघात को मात देकर उन्होंने एक बड़ी जीत तो दर्ज की ही है। बल्कि 2017 में पति हरबंश कपूर के जीत के अंतर के रिकॉर्ड को भी उन्होंने तोड़ दिया। पिछले विधानसभा चुनाव में हरबंश कपूर ने सूर्यकांत धस्माना को 16 हजार से अधिक मतों से मात दी थी।
जबकि इस बार सविता कपूर की जीत का अंतर 20 हजार से ऊपर रहा। इसके इतर कैंट विधान सभा क्षेत्र में कुछ ही बूथ ऐसे रहे जहां कांग्रेस प्रत्याशी सविता कपूर से अव्वल रहे। यानि की सविता कपूर को हर वर्ग, समाज के मत प्राप्त हुए। कैंट विधान सभा सीट पर भाजपा का ही दबदबा रहा है। यहां से हरबंश कपूर चार बार विधायक रहे। लेकिन हरबंश कपूर के निधन के बाद इस सीट को लेकर तरह -तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
चुनाव से कुछ माह पूर्व ही हुआ था हरबंश कपूर का निधन
यहां तक कहा जा रहा था कि अब यह सीट भाजपा के हाथ से खिसक सकती है। भाजपा ने हरबंश कपूर के निधन के बाद उनकी पत्नी सविता कपूर को इस सीट पर प्रत्याशी के तौर पर उतारा। चूंकि हरबंश कपूर का निधन चुनाव से कुछ माह पूर्व ही हुआ था। इसलिए भाजपा को सहानुभूति की पूरी उम्मीद थी। जिस पर सविता कपूर पूरी तरह से खरी ही नहीं उतरी बल्कि उन्होंने जीत के अंतर के मामले में पति हरबंश कपूर को भी पीछे छोड़ दिया।
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2017 में हुए विधानसभा चुनाव को देखे तो यहां हरबंश कपूर को 41142 मत मिले थे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सूर्यकांत धस्माना को 24472 वोट प्राप्त हुए थे। दोनों में जीत का अंतर 16670 मतों का रहा। जबकि सविता कपूर को इस बार हरबंश कपूर से करीब चार हजार वोट ज्यादा पड़े। उन्हें 45492 मत प्राप्त हुए।
जबकि प्रतिद्वंदी सूर्यकांत धस्माना को 24554 मत मिले। दोनों के बीच जीत का अंतर 20938 रहा। यह स्थित तब थी जब इस सीट पर भाजपा का एक बागी भी मैदान में था और टिकट न मिलने से नाराज कई नेता अंदरखाने नाराज थे। सविता को कैंट में हर समाज, वर्ग का पूरा समर्थन हासिल हुआ।