उत्तराखंड में टिकट के लिए जारी घमासान के बीच आखिर भाजपा ने प्रदेश की पांचों लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। भाजपा ने पांच प्रत्याशियों में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों पर दांव लगाया है।
भाजपा ने पूर्व जिन तीन पूर्व सीएम को टिकट दिया है उनमें बीसी खंडूरी पौड़ी सीट से उम्मीदवार बनाए गए हैं। रमेश पोखरियाल निशंक को हरिद्वार सीट से मैदान में उतारा गया है। वहीं भगत सिंह कोश्यारी नैनीताल लोकसभा सीट से ताल ठोकेंगे।
टिहरी से वर्तमान सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह पर पार्टी ने फिर विश्वास जताया है तथा अजय टम्टा को अल्मोड़ा से उतारा गया है।
उत्तराखंड में भाजपा के पांचों प्रत्याशियों की राजनीतिक प्रोफाइल पर एक नजर।
भुवनचंद्र खंडूरी पौड़ी से उम्मीदवार
पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी को पौड़ी लोकसभी सीट से लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।
-1991, 1998, 1999 व 2004 में पौड़ी लोकसभा सीट जीते।-1992 से 1996 तक यूपी भाजपा के उपाध्यक्ष रहे।-2000- 03 तक केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रोड एवं ट्रांसपोर्ट रहे।-मई 2003 से 2004 तक इसी विभाग में कैबिनेट मंत्री बने।-मार्च 2007 से 27 जून 2009 तक मुख्यमंत्री रहे।-11 सितंबर 2011 से 13 मार्च 2012 तक दोबारा मुख्यमंत्री रहे।-दिसंबर 2012 में कोटद्वार से विधानसभा का चुनाव हार गए।
भगत सिंह कोश्यारी (नैनीताल)
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को नैनीताल से मौका मिला है।
-मई 1997 में यूपी विधान परिषद केसदस्य चुने गए-28 अक्टूबर 2001 तक सिंचाई व ऊर्जा मंत्री रहे।-29 अक्टूबर 2001 से मार्च 2002 तक मुख्यमंत्री रहे।-2002 और 2007 में कपकोट विधानसभा से जीते।-10 दिसंबर 2008 को राज्यसभा केलिए निर्वाचित हुए
माला राजलक्ष्मी शाह (टिहरी)
टिहरी से वर्तमान सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया है। इनकी बारे में कुछ प्रमुख बातें
-राज्य की पहली महिला सांसद-2012 में संसदीय उपचुनाव में जीती-ससुर मानवेंद्र शाह टिहरी से आठ बार सांसद-भाजपा प्रदेश संसदीय कार्यसमिति की सदस्य।
रमेश पोखरियाल निशंक (हरिद्वार)
पार्टी ने निशंक के तौर पर एक और पूर्व मुख्यमंत्री को मौका लगाया गया है।
-1991, 1993, 1996 में कर्णप्रयाग विधानसभा से जीते-1997 में यूपी सरकार में उत्तराचंल विकास मंत्री बने-1998 में यूपी सरकार में संस्कृति धर्मस्व मंत्री बने-2000 में वित्त , चिकित्सा शिक्षा और ग्राम्य विकास मंत्री बने-2002 में थलीसैंण विधानसभा से हारे, 2007 में जीते। -जून 2009 से सितंबर 2011 तक मुख्यमंत्री रहे।-2012 में डोईवाल विधानसभा से चुनाव जीते।
अजय टम्टा (अल्मोड़ा)
अजय टम्टा को अल्मोड़ा लोकसभा सीट से मौका दिया गया है।
-2002, 2007 और 2012 में सोमेश्वर विधानसभा सीट से चुनाव जीते।-निशंक सरकार समाज कल्याण मंत्री रहे। -2009 में अल्मोड़ा लोकसभा सीट से चुनाव हार गए।