पूर्व में इस योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 36 हजार और शहरी क्षेत्रों में 42 हजार रुपये वार्षिक आय निर्धारित थी। अब सरकार ने योजना के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की अलग-अलग श्रेणी खत्म कर आय सीमा एक ही कर दी है।
ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों के लिए आय सीमा में दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से बृहस्पतिवार को इस बाबत शासनादेश जारी कर दिया गया है। बता दें कि योजना के अंतर्गत सरकार की ओर से कन्याओं के जन्म से लेकर पढ़ाई व शादी के लिए कुल 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
सरकार ने महिला कल्याण एवं बाल विकास, समाज कल्याण के माध्यम से कन्याओं के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं का एकीकरण कर नंदा गौरा योजना को शुरू किया है। योजना का लाभ अधिक से अधिक कन्याओं को मिल सके, इसके लिए सरकार ने योजना की वार्षिक आय सीमा में बढ़ोत्तरी की है।
-रेखा आर्या, राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) महिला कल्याण एवं बाल विकास
बेटी के जन्म पर - पांच हजार रुपये
एक वर्ष पूरा होने पर - पांच हजार रुपये
आठवीं कक्षा की पढ़ाई में - पांच हजार रुपये
दसवीं कक्षा की पढ़ाई में - पांच हजार रुपये
12 वीं कक्षा की पढ़ाई में - पांच हजार रुपये
स्नातक व डिप्लोमा करने पर - 10 हजार रुपये
बेटी का विवाह करने पर - 16 हजार रुपये