इन निवेशों को जमीन पर उतारने के लिए गठित टीम को निर्देश दिए गए हैं कि क्रियान्वयन में जो भी बाधाएं आ रहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए और हर हाल में 31 मार्च तक उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
सरकार ने निवेश के लिए 12 सेक्टर चिन्हित किए हैं। जिसमें पर्यटन, आयुष वेलनेस, एजुकेशनल, फार्मास्युटिकल, ऑटोमोबाइल, आईटी, कृषि, औद्यानिकी पर आधारित फूड प्रोसेसिंग, ऐरोमेटिक (सगंध पौध), हर्बल शामिल हैं।
प्रदेश में 2017 तक कुल 37 हजार करोड़ के उद्यम स्थापित हुए हैं। मुख्यमंत्री रावत अपने कार्यकाल के पहले दो वर्षों में 34 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक निवेश से प्रदेश की आर्थिकी बदलेगी और रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे।
इन्वेस्टर्स समिट में हुए करारों को जमीन पर उतारने का काम तेजी से चल रहा है। निवेशकों से उद्यम स्थापित करने को लेकर आए प्रस्तावों में 30 हजार करोड़ के नए निवेश को 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। जबकि पहले से स्थापित उद्योगों के विस्तारीकरण से चार हजार करोड़ की निवेश प्रक्रिया अगले चार माह में शुरू हो जाएगी।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री।