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गिरे पिलखन वृक्ष को बचाने के लिए भगीरथ जैसा प्रयत्न

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देश-दुनिया में विकास कार्यों लिए जहां करोड़ों पेड़ रोज काटे जा रहे हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो पेड़ों का दर्द समझते हैं और उन पेड़ों को बचाने के लिए भगीरथ जैसे प्रयत्न भी करते हैं। ऐसा ही संवेदनशीलता मोहकमपुर निवासी संदीप गुप्ता और उनकी टीम ने भी दिखायी है। संदीप गुप्ता के 15 दिनों की भागदौड़ के बाद गिरे पेड़ को जड़ समेत सुरक्षित निकालकर जेसीबी की मदद से दूसरी जगह लगाया।
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संदीप गुप्ता गांधी शताब्दी अस्पताल में लैब सहायक हैं। 15 दिन पूर्व संदीप गुप्ता ड्यूटी के बाद अपने घर जा रहे थे तो देखा कि नालापानी इलाके में पीआरडी मैदान के पास 20 साल पुराना पिलखन का पेड़ गिरा पड़ा है। नाले की खुदाई के दौरान मजदूरों की लापरवाही से भारी-भरकम पेड़ जड़ समेत धराशाई हो गया था। संदीप यह देख भावुक हो गए और उन्होंने पिलखन की जिंदगी बचाने की ठान ली। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा तो अधिकारियों ने बिजली लाइन का हवाला देते हुए पेड़ के ट्रांसलोकेशन से इंकार कर दिया। इस पर वह बिजली विभाग के अधिकारियों से मिले और पेड़ के ट्रांसलोकेशन के समय बिजली आपूर्ति बंद करने की मांग की।
काफी भागदौड़ के बाद बृहस्पतिवार को वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से पिलखन को जड़ समेत निकालकर आमवाला सुंदरोवाली क्षेत्र में लगाया गया। संदीप गुप्ता का कहना है कि पेड़ को नए सिरे से जिंदगी मिलने के बाद उन्हें जो खुशी मिली है, उसे वह शब्दों में बयां नहीं कर सकते। पेड़ के ट्रांस लोकेशन में वन विभाग के अशोक नेगी, गौतम छेत्री के अलावा टीम में हूं सेवादार के अनिल गुप्ता, विनोद गौड़, राहुल पवार, संदीप मुखर्जी, बलवंत समेत कई लोगों ने सहयोग किया।
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