जंगल हो या खेत खलिहान, यहां तक घर और चौबारों में भी भालू दस्तक दे रहे हैं। भालुओं के आतंक से ग्रामीण भयभीत हैं। बच्चों को स्कूल सहित महिलाओं को खेतीबाड़ी के लिए समूह में जाना पड़ रहा है।
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ब्लाक के कपीरी क्षेत्र के बणसोली, कनखुल, ग्वाड़, जस्यारा सहित दशोली के धल, कांचुला, स्वर्का, चमाली सहित आस-पास के गांवों में भालू दोपहर में आवासीय बस्तियों में घुस रहा है।
भालुओं का आतंक
बणसोली के महीपाल सिंह नेगी, केलापानी के बलवंत तोपाल, धल के राजेंद्र सिंह असवाल, स्वर्का के किशोरी प्रसाद, चमाली के निर्वतमान प्रधान महीपाल सिंह कठैत का कहना है कि क्षेत्र में भालुओं का आंतक बना हुआ है।
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बृहस्पतिवार को गांव में एक महिला को भालू ने घायल कर दिया था। कुछ दिन बाद स्कूल खुलने हैं ऐसे में नौनिहालों को खतरा बना है।
समूह में निकलती हैं महिलाएं
ग्रामीणों का कहना है कि महिलाएं खेतीबाड़ी के लिए अकेले नहीं जा पा रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन ने भालुओं के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।