कोरोना की संभावित तीसरी लहर शुरू होने के साथ ही अनुसंधान संस्थान परिसर फिर पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि फिलहाल अगले आदेशों तक संस्थान परिसर में कोई भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति न दी जाए। साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों और वैज्ञानिकों को कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है।
बता दें, कोरोरा संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में वन अनुसंधान संस्थान के कई अधिकारी, वैज्ञानिक और कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए थे। अधिकारियों और कर्मचारियों के संक्रमित पाए जाने के बाद जिला प्रशासन की ओर से संस्थान परिसर को कई बार कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा चुका है। अब फिर कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है तो एक बार फिर संस्थान परिसर में सुरक्षा के तमाम एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं। निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि फिलहाल परिसर को बाहरी व्यक्तियों के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। विशेष परिस्थितियों में ही उनकी अनुमति से ही बाहरी लोगों को संस्थान परिसर में दाखिल होने की इजाजत दी जाएगी। कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।