धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब शरीर दूसरा खून स्वीकार नहीं कर सकता, तो हम दूसरे मजहब को क्यों स्वीकार करें। यह देश बाबर का नहीं, रघुवर का है। कहा कि उत्तराखंड में सीडीएस बिपिन रावत की धरती पर पशुपति नाथ मंदिर बन रहा है। उन्होंने कहा कि अबकी बार कम समय मिला है। देहरादून में जल्द ही पांच दिन की कथा करेंगे।