पिछले दो दिनों से कई स्थानों पर अवरुद्ध बदरीनाथ हाईवे शनिवार को दोपहर दो बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया है।
पीपलकोटी से दो किमी. आगे भनेरपाणी में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम ने एक्सावेटर मशीन की मदद से हाईवे पर आए बडे़-बडे़ बोल्डरों को तोड़कर साफ कर दिया।
भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे पाताल गंगा, पागल नाला और लामबगड़ में बीती 7 अगस्त की रात 10 बजे से अवरुद्ध था जिसके चलते बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जा रहे तीर्थयात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सेना ने ली राहत की सांस
बदरीनाथ हाईवे धार्मिक के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। नीती और माणा सीमा क्षेत्र में मौजूद सेना की राशन और आवश्यक सामग्री भी इसी मार्ग से होकर जाती है, लेकिन बदरीनाथ हाईवे के दो दिनों से अवरुद्ध पड़े होने से सेना की मुसीबत भी बढ़ गई थी। हाईवे के खुलने से सेना ने भी राहत की सांस ली है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि शनिवार को दोपहर दो बजे बदरीनाथ हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो गया है।
बार-बार हो रही मूसलाधार बारिश से हाईवे बाधित हो रहा है। लामबगड़ और पाताल गंगा में चट्टानें होने के चलते हाईवे को सुचारु रखना मुश्किल भरा है।
11वें दिन भी नहीं खुला गंगोत्री हाईवे
उत्तरकाशी। ग्यारह दिनों से गंगनाणी में बंद पड़ा गंगोत्री हाईवे शनिवार को नेताला के पास भी अवरुद्ध रहा। यहां दलदल के चलते वाहन पास नहीं हो पा रहे हैं।
वहीं यमुनोत्री हाईवे भी सिलाई बैंड पर अवरुद्ध पड़ा है। हाईवे अवरुद्ध होने से गंगा-यमुनाघाटी के दर्जनों गांव के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले एक माह से गंगोत्री-यमुनोत्री हाइवे स्थानीय लोगों के साथ ही चार धाम यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया है। हर रोज अवरुद्ध होने से यात्रियों ने तो यात्रा पर आना छोड़ दिया, लेकिन स्थानीय लोग पहाड़ी पगडंडियों से आवाजाही करने को मजबूर हैं। यमुनोत्री हाईवे भी शनिवार अपराह्न सिलाई बैंड के पास भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया।