पिछले साल जून में आई आपदा के बाद विद्युत लाइन के क्षतिग्रस्त होने से श्रीबदरीनाथ धाम में छाया अंधेरा अब दूर हो गया है।
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने बुधवार को क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर धाम में विद्युत आपूर्ति सुचारु कर दी। अब धाम और आसपास लगी हाईमास्क लाइटें जगमगाने लगी हैं।
आपदा के बड़ा नुकसान
यूपीसीएल के प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि यात्रा सीजन खत्म होने के बाद भारी बर्फबारी के कारण धाम में आपूर्ति बाधित रहती है। पिछले साल आपदा के बाद यहां बड़ा नुकसान हुआ था।
बिजली व्यवस्था सुचारु करवाने के मकसद से ही निगम के महाप्रबंधक (वितरण) गढ़वाल क्षेत्र एमके जैन जोशीमठ में कैंप किए हुए हैं। मंदिर में प्रतिदिन दो मेगावाट बिजली की मांग रहती है।
मंदिर की सभी विद्युत लाइनों को ठीक कर लिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि श्री हेमकुंड साहिब में 10 मई तक विद्युत आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। विद्युत उपकरण और अन्य सामान गोविंदघाट तक पहुंचा दिया गया है।
बदरीनाथ में उरेडा की टीम
उरेडा के अधिकारियों की टीम अब 18 अप्रैल को बदरीनाथ पहुंचकर वहां ऋषि गंगा पर निर्मित बिजली परियोजना को शुरू करेगी। इस परियोजना से उत्पादित 625 किलोवाट की बिजली भी ऊर्जा निगम यात्रा मार्गों पर ही देगा।
यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पंवार का कहना है कि हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर जंगलचट्टी तक बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई है।
अप्रैल माह के अंत तक यात्रा के मुख्य पड़ाव घांघरिया तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। जंगलचट्टी से घांघरिया छह किमी की दूरी पर स्थित है।