फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्फबारी के बीच बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट

Thu, 27 Nov 2014 08:11 PM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
चार धामों में सर्वश्रेष्ठ बदरीनाथ धाम के कपाट बृहस्पतिवार को विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के बीच अपराह्न 3 बजकर 35 मिनट पर शीतकाल के लिए छह माह तक बंद कर दिए गए हैं।
विज्ञापन


जिस वक्त धाम के कपाट बंद हो रहे थे, उस वक्त धाम में करीब एक घंटे तक बर्फबारी भी हुई। कपाट बंद होने के दौरान धाम में करीब साढे़ तीन हजार तीर्थयात्रियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए।

दस बजे शुरू हुई पूजा
बदरीनाथ धाम में तड़के से शुरु हुई श्री बदरीविशाल की महाभिषेक पूजा दोपहर बाद कपाट बंद की प्रक्रिया के साथ संपन्न हुई। इस दौरान बदरीनाथ मंदिर के सिंह द्वार के दोनों ओर बदरीनाथ के वेदपाठी और ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन व विष्णु सहस्रनाम का वाचन किया।
विज्ञापन


परंपरा के अनुसार अपराह्न 1.30 मिनट पर बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वरन नंबूदरी ने स्त्री वेश धारण कर माता लक्ष्मी को बदरीनाथ गर्भगृह में रखा। तपोपरांत माणा गांव की कन्याओं द्वारा निर्मित कंबल पर घी का लेपन कर बदरीविशाल को ओढ़ाया। बदरीश पंचायत से कुबेर जी, गरुड़ जी और उद्धव जी की मूर्ति को गर्भग्रह से बाहर लाकर उत्सव डोली में रखा गया।

शु्क्रवार को योग ध्यान पहुंचेगी डोली
शुक्रवार को उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल पांडुकेश्वर योग ध्यान बदरी मंदिर में पहुंच जाएगी, साथ ही आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी भी जोशीमठ नृसिंह मंदिर के लिए रवाना होगी। बदरीनाथ के कपाट बंद होने के दौरान तीर्थयात्रियों ने बदरीविशाल को वस्त्र व आभूषण भी भेंट किए।
 
इस मौके पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, सीईओ बीडी सिंह, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद कपरुवाण, विपिन तिवारी, राजन मैठाणी, सुनील तिवारी, डा. हरीश गौड़, हरीश डिमरी, चंद्र किशोर मैठाणी, बचन सिंह, गुलाब सिंह और राजेंद्र डबराल आदि मौजूद थे।

एक लाख 80 हजार यात्रियों ने किए दर्शन
जोशीमठ। इस वर्ष एक लाख 80 हजार तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। तीर्थयात्रियों के चढ़ावे से बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को चार करोड़ 30 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।
 
मंदिर समिति मनाएगी हीरक दिवस
जोशीमठ। आगामी दिसंबर माह में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के 75 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि समिति को 75 वर्ष पूर्ण होने पर मंदिर समिति द्वारा हीरक जयंती समारोह मनाया जाएगा। समारोह को भव्य रूप दिया जाएगा। मंदिर समिति की स्थापना वर्ष 1939 में हुई थी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें