इसके अलावा प्रदेश की विभिन्न डायटों में भी इसी तरह के कई शिक्षक अटैच एवं प्रतिनियुक्ति पर हैं। सरकार की ओर से इन शिक्षकों को अब मूल तैनाती पर भेजने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा मंत्री के मुताबिक अर्हता न रखने वाले शिक्षकों की उनके स्कूलों में तैनाती की जाएगी।
बता दें कि वर्ष 2013 के शासनादेश को यदि लागू किया गया तो एससीईआरटी में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद हैं, इन पदों पर वर्तमान में विभिन्न स्कूलों के 48 प्रवक्ता कार्यरत हैं। जबकि हर डायट में आठ से दस शिक्षक कार्यरत हैं। कई ऐसी शिकायतें आती रहती हैं कि कुछ शिक्षकों को यहां अटैच किया गया है, जिनकी सरकार और शासन में ऊंची पहुंच है।