विदेशों में जमा काले धन की वापसी का मुद्दा बाबा रामदेव की प्रतिष्ठा के लिए चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने बीते चार सालों में काले धन की वापसी को लेकर जोर-शोर से देशव्यापी अभियान छेड़ा था।
चुनाव में मोदी का समर्थन भी इसी शर्त पर किया था। पर इस दिशा में अब तक कुछ खास नहीं कर पाई है। यही वजह है कि पतंजलि योगपीठ आने वाले केंद्रीय नेताओं को वे इस वादे की याद दिला रहे हैं।
बाबा रामदेव पिछले कुछ महीनों में कई बार दिल्ली गए। इस दौरान वे दो बार प्रधानमंत्री से भी मिले। भाजपा अध्यक्ष तथा अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी उन्होंने काले धन की वापसी के मुद्दे पर बात की। बाबा ने साफ-साफ कहा कि काला धन न आने पर उनकी प्रतिष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लग जाएगा।