नेपाल से लौटे बाबा रामदेव ने कहा कि वे चंद कदमों के फासले पर खड़ी मौत को साक्षात देखकर आए हैं। बर्बादी और दहशत के ऐसे मंजर की सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि नेपाल स्वयं को बेबस न समझे। आपदा में निराश्रित हुए बच्चों के लिए पतंजलि बड़ी योजना लेकर तैयार है।
पतंजलि योगपीठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि योग शिविर में जहां मैं बैठा था उसके पास ही भीषण गर्जन के साथ 10 फीट गहरा लंबा गड्ढा हो गया। यदि कुछ मिनट पहले भूकंप आ जाता तो हमारे शिविरार्थियों के हाल बेहाल हो जाते।