दोनों विमानों से क्रेन की सहायता से मशीन और उपकरण उतारकर ट्रकों से उत्तरकाशी भेजा गया। उत्तरकाशी में चलाए जा रहे रेस्क्यू के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर विमान दोपहर करीब एक बजे एयरपोर्ट पर उतरा।
उत्तरकाशी जिले के सिलक्यारा टनल में फंसे 41 श्रमिकों के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के लिए सोमवार को एयरपोर्ट पर पहली बार दिन में भारतीय वायुसेना के दो भीमकाय विमान सी 17-ग्लोबमास्टर और हरक्यूलिस ने सफलतापूर्वक लैंडिंग की।
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दोनों विमानों से क्रेन की सहायता से मशीन और उपकरण उतारकर ट्रकों से उत्तरकाशी भेजा गया। उत्तरकाशी में चलाए जा रहे रेस्क्यू के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर विमान दोपहर करीब एक बजे एयरपोर्ट पर उतरा। विमान को एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने खड़ा कर मशीनों को नीचे उतारा गया। उसके लगभग एक घंटे बाद दोपहर 2:10 बजे हरक्यूलिस विमान ने भी एयरपोर्ट पर लैंडिंग की।
इसके बाद इस विमान को टर्मिनल के सामने से घुमाकर एंटीआरओ परिसर ले जाया गया। सी-17 ग्लोबमास्टर इससे पहले कई बार देर रात देहरादून एयरपोर्ट पर सैन्य समान लेकर उतर चुका है। सिलक्यारा हादसे के बाद भी यह विमान एयरपोर्ट पर तीन बार देर रात्रि मशीन और उपकरण लेकर उतर चुका है। सोमवार को दिन में ही दोनों विमानों ने अन्य उड़ानों के मूवमेंट के बीच लैंडिंग की। इससे कोई फ्लाइट प्रभावित नहीं हुई।
देहरादून एयरपोर्ट पर रेस्क्यू के लिए देर रात तक सैन्य विमानों की आवाजाही चल रही है। जिस कारण एयरपोर्ट पर सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी एजेंसियां फ्लाइटों, चार्टर्ड विमानों के साथ ही सैन्य विमानों को भी काफी अच्छे तरह से हैंडल कर रही हैं।
- प्रभाकर मिश्रा एयरपोर्ट निदेशक