नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के आंकड़ों पर डाले तो देश में एक जनवरी 2020 से लेकर 31 दिसंबर 2020 के बीच कुल 965 छोटे बड़े भूकंप दर्ज किए गए। सुकून देने वाली बात यह रही है कि इन सभी भूंकंपों की तीव्रता कम थी जिसकी वजह से कोई बड़ी तबाही नहीं हुई।
भारत व उससे सटे देशों में कुछ प्रमुख विनाशकारी भूकंप
भूकंप आने की तिथि - देश या राज्य - रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता - भूकंप से हुई मौतें
16 जून 1819 - गुजराज - 8.2 - 1543
12 जून 1897 - शिलांग - 8.2 - 1000
4 अप्रैल 1905 - कांगड़ा - 7.8 - 20000
15 जनवरी 1934 - नेपाल - 8.0 - 10000
31 मई 1935 - क्वेटा पाकिस्तान - 7.7 - 60000
26 जून 1941 - अंडमान निकोबार - 8.1 - 7000
20 अक्तूबर 1991 - उत्तरकाशी उत्तराखंड - 7.0 - 2000
30 सितंबर 1993 - लातूर महाराष्ट्र - 6.2 - 9748
29 मार्च 1999 - चमोली उत्तराखंड - 6.8 - 103
26 जनवरी 2001 - भुज गुजरात - 6.7 - 20000
26 दिसंबर 2004 - भारत, श्रीलंका - 9.1 - 283106
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यूरेशियन प्लेट से टकराने के बाद इंडियन प्लेट हर साल औसतन पांच सेमी आगे तक रही है। जिसके चलते हिमालयी क्षेत्रों में लगातार भूगर्भीय हलचल होती है। इंडियन प्लेट के लगातार खिसकने की वजह से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर के अलावा पाकिस्तान, अफगानिस्तान की सीमाओं पर भूकंप आते रहेंगे। वाडिया इंस्टीट्यूट समेत देश के तमाम संस्थानों के वैज्ञानिक भूकंपों का लगातार अध्ययन करते रहते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा एक दूसरे से डाटा भी साझा किया जाता है ताकि भूकंपों को लेकर किए जा रहे शोधों में आसानी हो।
- डॉ. नरेश कुमार, वरिष्ठ भूकंप विज्ञानी, वाडिया