उत्तराखंड की सियासी हवाओं में तैर रही दलबदल की चर्चाओं के बीच केंद्रीय गृह मंत्री शाह की प्रदेश पदाधिकारियों और कोर ग्रुप की बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा था। संभावना जताई जा रही थी कि इन बैठकों में शाह दलबदल को लेकर असंतुष्ट विधायकों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व की भावना से संगठन नेताओं को संदेश साफ कर देंगे। लेकिन बैठकें टल गईं। जिस अंदाज में शाह ने बहुगुणा, महाराज, हरक, उमेश को पार्टी कार्यालय में भोजन के लिए बुलवाया और उनके संग भोजन किया, उसे लंच डिप्लोमेसी के तौर पर देखा जा रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि शाह ने भोजन की टेबल से खास संकेत देने की कोशिश भी की है।
शाह ने याद किया, अपनेपन का एहसास कराया: हरक
कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कोर ग्रुप की बैठक स्थगित होने के बाद हम लोग चले गए थे। लेकिन फिर पार्टी कार्यालय से फोन आया कि आपको अमित शाह ने याद किया है। महाराज, बहुगुणा व अन्य साथी पार्टी कार्यालय पहुंचे। हरक ने कहा कि अमित शाह उत्तराखंड की भावना का समझते हैं। वह अच्छे रणनीतिकार हैं। उनमें सबको साथ लेकर चलने की भावना है। किससे कितना काम लेना है, किसको प्रोत्साहित करना है। वह उत्तराखंड की राजनीति नजाकत को समझते हैं। उन्होंने मुझसे कहा है कि आगे बातचीत करेंगे। शाह ने अपनेपन का एहसास कराया। सब लोग उत्साहित हैं।
उत्तराखंड में राजनीतिक प्रदूषण न लाएं : बहुगुणा
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वह राजनीतिक प्रदूषण न लाएं। राजनीति में कटुता नहीं होनी चाहिए। बहुगुणा प्रदेश पार्टी कार्यालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव की राजनीति नहीं करती है। पांच साल गोष्ठियां और कार्यक्रम करती है। कांग्रेस चुनाव की राजनीति करती है। वहां संगठन नहीं है। मेरा अनुरोध है सभी राजनीतिक दलों से प्रदूषण न लाएं। सबका आदर्श है राज्य अच्छा हो। आपस में बात करें, लेकिन कटुता नहीं होनी चाहिए। कोर ग्रुप की बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि लंच पर चर्चा हो गई। दो महीने के कार्यक्रम आ रहे हैं।