हस्तरेखा विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी कांत त्रिपाठी का कहना है कि आज हर तरफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की बातें हो रही हैं। ज्योतिष में भी एआई का प्रयोग हो रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि हाथ की रेखाओं का पढ़ना एआई का पहला पाठ है। यानी हस्त रेखाओं ने हमें आर्टफिशियल इंटेलीजेंस सिखाया।
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उन्होंने कहा कि आप किसी और धर्म में पैदा हुए और किसी और देश में पैदा हुए, तब भी आपका डेटा भगवान ने सुरक्षित कर रखा है। वह डेटा आपके हाथों की रेखाओं में है। दुनिया में यदि कोई विश्वसनीय व प्रमाणिक दस्तावेज है तो वह हाथ की रेखाएं हैं और अंगूठा का चिह्न है। जब भी आप रजिस्ट्री करते हैं तो हाथ के अंगूठे का इस्तेमाल करते हैं। हाथ का पूरा डेटा आपके पूरे जीवन के बारे में बताता है। यह एक पूरी किताब है, इसे जिंदगी भर पढ़ेंगे तब भी पूरी नहीं होगी।
आज लोगों के पास सुविधाएं और साधन बहुत हैं। लेकिन समय नहीं हैं। चिंताएं बहुत हैं। इन चिंताओं को दूर करने में हस्त रेखा विज्ञान का बहुत बड़ा लाभ है। हाथ कर्म का प्रतीक है। श्री कृष्ण ने कहा कि अशुभ से मुक्त होना है तो वह कर्म करो, जिससे आप मुक्त हो जाएंगे। यदि आप हाथ की रेखाओं को देखेंगे तो निश्चित रूप से अशुभ चिन्हों से मुक्त हो जाएंगे।