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Amar Ujala Jyotish Mahakumbh: राज्यपाल बोले- 500 साल बाद अब अयोध्या में दिव्य-भव्य रूप में दिखेगा राम मंदिर

Sun, 07 Jan 2024 09:31 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

दो दिवसीय अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ का राज्यपाल ने शुभारंभ किया। इसके साथ ही लोगों ने कुंडली, हस्तरेखा समेत विभिन्न विधाओं के माहिर ज्योतिषियों से निशुल्क परामर्श लेना शुरू कर दिया है।
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राज्यपाल गुरमीत सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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14 दिन बाद मेरे झोपड़े में राम आएंगे...मेरे अंगना में राम आएंगे...झूला झूलेंगे तो झुलाऊंगी मैं...ऐसे ही राममय माहौल के बीच रविवार को उत्तराखंड के राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ का शुभांरभ किया। उन्होंने कहा कि 500 साल बाद अयोध्या में भव्य-दिव्य राम मंदिर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने कोविड महामारी में भारत के नमस्ते को सीखा। अब देश को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।

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Amar Ujala Jyotish Mahakumbh: दून में नामचीन ज्योतिषियों का महाकुंभ, भविष्य जानने के लिए उमड़ी भीड़, तस्वीरें

राज्यपाल ने कहा कि 2024 अपने आप में अलग है। जब वह कुछ दिन पहले सोमनाथ मंदिर गए थे तो उन्हें ऐसा ज्ञान हुआ कि 1026 में मुगलों ने अत्याचार, लूट, बर्बरता दिखाई थी। वर्ष 2026 में 1000 साल पूरे होने वाले हैं। मंदिर का निर्माण, दिव्य रूप में फिर हो रहा है। यहां अयोध्या में 500 साल के बाद में इस दिव्यता, भव्यता का एक नया आगमन है। ब्रह्मांड का आदेश है कि भारत अपनी सभ्यता, संस्कृति के साथ जुड़े। अगर आपको ब्रह्मांड का महा सत्य खोजना है तो उस सूर्य की ज्योति से बनी ज्योतिष विद्या के साथ जुड़ना बहुत जरूरी है।
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रविवार को ग्राफिक एरा विवि के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि कोविड महामारी में पूरी दुनिया ने हमारे राष्ट्र की हाथ जोड़कर नमस्ते करने की संस्कृति को अपनाया। ज्योतिष शास्त्र को कोई रोक नहीं सकता। ब्रह्मांड का सबसे सत्य व गहरा साइंस ज्योतिष ही है। हमें अपनी शक्ति को पहचानना है। हमें अपनी सभ्यता, संस्कृति व तकनीक का त्रिशूल पूरी दुनिया के पटल पर पहुंचाना है।

इससे पहले पंडित केए दुबे पद्मेश ने कहा कि अगर आप ज्योतिष को अपने जीवन में उतारेंगे तो आप सत्य के नजदीक होंगे। ज्योतिष न तो पूरी तरह से विज्ञान है और न ही अध्यात्म। यह विज्ञान व अध्यात्म का समन्वय है। वास्तुविद् पंडित सतीश शर्मा ने कहा कि खगोल के बिना ज्योतिषीय गणना नहीं हो सकती। हमारी खगोलीय गणनाओं, परंपराओं को आधार बनाकर लाखों रिसर्च आज दुनिया भर में प्रचलित हैं। आचार्य जीडी वशिष्ठ ने कहा कि धरती का सबसे बड़ा सत्य ज्योतिष ही है।

कुंडली में शनि व बुध का अच्छा होना लाभकारी होता है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एस्ट्रोलॉजी सॉफ्टवेयर की शुरुआत ज्योतिष महाकुंभ से की। कार्यक्रम में अमर उजाला के संपादक अनूप वाजपेयी ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया। यूनिट हेड पंकज शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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विश्व गुरु बनाने की राह दिखा सकते हैं ज्योतिषी
राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह ने सभी ज्योतिषियों को सलाह दी कि हर भारतीय को उसके गुण और स्किल्स बताएं। ताकि वह सकारात्मकता के साथ उस दिशा में काम कर सके। उन्होंने कहा कि हम इस विद्या से भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं। ज्योतिषी इसकी राह दिखा सकते हैं।

तीन मंत्र से सुधर जाएगा जीवन
राज्यपाल ने कार्यक्रम के दौरान तीन मंत्र पॉजिटीविटी (सकारात्मकता), क्रिएटिविटी (रचनात्मकता) और डायनामिज्म (गतिशीलता) भी बताए। उन्होंने ब्रीद शब्द (सांस) के जीवन में मायने बताते हुए कहा कि ज्योतिष विज्ञान के माध्यम से समाज में समरसता लाई जा सकती है। मेडिकल साइंस की तरह ज्योतिष भी एक विज्ञान है, जिसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाज के सामने लाना जरूरी है।

ग्राफिक एरा तैयार करेगा ज्योतिषीय गणनाओं का डाटाबेस
ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन प्रो. डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि उनका कंप्यूटर साइंस विभाग ज्योतिषियों की मदद से सेंट्रल डाटा बेस प्रोजेक्ट शुरू करेगा। इसमें ज्योतिषियों ने कितनी कुंडली देखी, उसमें क्या उपाय बताए, उनका क्या परिणाम हुआ जैसे सभी सवालों को शामिल किया जाएगा। यह सबके लिए लाभकारी होगा।

कल सीएम करेंगे समापन, ज्योतिषीय विधाओं पर होगा संवाद
महाकुंभ के दूसरे दिन आठ जनवरी को ग्राफिक एरा विवि में ज्योतिषीय विधाओं पर संवाद कार्यक्रम होगा। इस दौरान एक ओर जहां सभी ज्योतिषी मौजूद रहेंगे तो आम जनता को भी इसमें शामिल होने का मौका मिलेगा। महाकुंभ के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ज्योतिषियों को सम्मानित करेंगे।
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