शुक्रवार को मंडी शुल्क दोबारा शुरू करने के विरोध में आढ़त बाजार, दर्शनी गेट, बाबूगंज, हनुमान चौक सहित दून के सभी थोक बाजार बंद रहेंगे। इस दौरान व्यापारी आढ़त बाजार में एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे और सरकार तक अपनी बात पहुंचाएंगे। बुधवार को दून में हुई अनाज, दाल-दलहलन, तिलहन, गुड़-शक्कर, किराना आदि व्यापारियों की हुई बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। व्यापारियों ने कहा कि मंडी शुल्क दोबारा शुरु होने से एक बार फिर इंस्पेक्टर राज शुरू हो जाएगी और मंहगाई बढ़ेगी।
विदित है कि केंद्र सरकार की ओर से तीन कृषि कानून रद्द होने के बाद फिर से पुरानी व्यवस्था लागू हो गई है। इसमें मंडी शुल्क भी दोबारा से लागू हो गया है। मंडी शुल्क दोबार से लागू होने के विरोध में व्यापारियों में आक्रोश फैल गया है। बुधवार को देहरादून के अनाज, दाल-दलहन, तिलहन, गुड- शक्कर व्यापारी, टिंबर व्यापारी, किराना व्यापारियों ने बैठक कर राज्य सरकार द्वारा पुन: मंडी शुल्क से उत्पन्न स्थिति के संबंध में चर्चा की गई। प्रभारी गढ़वाल प्रदेश उद्योग एवं व्यापार मंडल समिति विनोद गोयल ने कहा कि मंडी शुल्क पुन: लगाए जाने से इंस्पेक्टर राज पुन: कायम हो जाएगा साथ ही साथ प्रदेश में बाहर से लाए गए खाद्य वस्तुओं पर मंडी शुल्क की अत्याधिक दर होने के कारण महंगाई को भी बढ़ावा मिलेगा। खाद्य वस्तुएं2 रुपये से 5 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो जाएंगी। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 31 दिसंबर 2021 को राजधानी देहरादून का थोक बाजार जिसमें आढत बाजार, दर्शनी गेट, बाबूगंज, हनुमान चौक, रामलीला बाजार, श्री गुरु राम राय मार्केट इत्यादि का क्षेत्र शामिल है का सभी कारोबार बंद रखकर सभी व्यापारी 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आढत बाजार में एकत्रित होकर राज्य सरकार के कानों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए धरना व प्रदर्शन करेंगे। साथ ही शीघ्र हीव्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखेगा। राज्य की सभी व्यापारिक नगर इकाइयां भी इस संबंध में कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर अपना विरोध व्यक्त करेंगे। बैठक में जूते व कपड़े पर जीएसटी की दर 1 जनवरी 2022 से पांच प्रतिशत के स्थान पर 12 प्रतिशत किए जाने का भी कढ़ाई विरोध किए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में दी होलसेल डीलर एसोसिएशन आढत बाजार की ओर से अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोयल, सचिव विनोद गोयल, सह सचिव संदीप गोयल, उपाध्यक्षअजय गुप्ता, कोषाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, जगदीश प्रसाद, मनोज गोयल, अभिषेक गुप्ता, विजेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक गोयल आदि शामिल थे।
व्यापारियों ने यह उठाई मांगे
-प्रदेश से बाहर के कृषि उत्पाद पर मंडी शुल्क समाप्त किया जाए
-मंडी शुल्क की दरें न्यूनतम 0.5 प्रतिशत कर महंगाई पर रोक लगाई जाए।
-मंडी शुल्क व्यवस्था का सरलीकरण किया जाए।
-एक जनवरी 2022 से जूता व कपड़ों पर जीएसटी की दर 5प्रतिशत के स्थान पर 12 प्रतिशत की बढ़ी हुई दर को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए