देश की आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित करने के लिए इन दिनों विदेशी ताकतें भी सोशल मीडिया का उपयोग कर रही हैं। कानून व्यवस्था भी इससे प्रभावित होती हैं। स्पेशल डायरेक्टर आईबी ने ऐसे में सभी राज्यों में पुलिस फैक्ट चेक यूनिट की स्थापना पर जोर दिया, ताकि समय रहते सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले संदेशों की असलियत सामने लाई जा सके।
ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस के दूसरे दिन आंतरिक सुरक्षा और सोशल मीडिया की चुनौतियों पर सत्र आयोजित हुआ। इसमें स्पेशल डायरेक्टर ने सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर प्रस्तुतीकरण दिया। कहा, असामाजिक तत्व अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं। इसमें देखा गया है कि कई प्रदर्शन काबू से बाहर हो जाते हैं।
कहा, यह तभी होता है, जब लोग इन संदेशों को पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। ऐसे में जरूरी है कि सोशल मीडिया पर इनके फैक्ट चेक कर सकारात्मक संदेशों को प्रसारित किया जाए। सोशल मीडिया पर असामाजिक तत्वों पर ब्लॉकिंग रूल का पालन करना चाहिए। इससे आईटी एक्ट के प्रावधानों के तहत नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
इस मौके पर साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जम्मू और कश्मीर के इंचार्ज आईपीएस संदीप चौधरी ने भी केमिकल, बॉयोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर खतरों पर विचार रखे। कहा, इस विषय पर समय से पहले ही तैयारी करने की जरूरत है। नेशनल फोरेंसिक साइंस विवि के सहायक प्रोफेसर स्वीकार लामा ने भीड़ नियंत्रण, भीड़ मनोविज्ञान पर प्रस्तुतीकरण दिया।