अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश से निकाले गए आउटसोर्स सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निष्कासित सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल काम पर वापस लेने और सुरक्षा अधिकारी को निलंबित करने की मांग की है। वहीं मांग पूरी न होने पर पहले क्रमिक अनशन और फिर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
एम्स से निष्कासित 24 आउटसोर्स सुरक्षाकर्मी बैराज रोड पर काली कमली धर्मशाला के पास धरने पर बैठ गए हैं। निष्कासित सुरक्षाकर्मी सुरक्षा अधिकारी और पांच सुपरवाइजर के निलंबन, काम पर वापस लेने, मेडिकल लीव, मूल वेतन के निर्धारण और यूनियन बनाने की अनुमति की मांग कर रहे हैं। निष्कासित सुरक्षाकर्मी अर्जुन रतूड़ी ने बताया कि सुरक्षा अधिकारी और एजेंसी की मिलीभगत से सुरक्षाकर्मियों की भर्ती के नाम पर खेल चल रहा है। भर्ती के लिए एजेेंसी हजारों रुपये वसूलती है। आरोप है कि वसूली गई रकम का आधा कमीशन सुरक्षा अधिकारी और उनके पांच सुपरवाइजर साथियों में बंटता है। अर्जुन रतूड़ी ने बताया कि सुरक्षा अधिकारी सुरक्षाकर्मियों का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करते हैं। सुरक्षाकर्मी ड्यूटी छोड़कर शौचालय भी नहीं जा सकते हैं। यहां तक कि अपने मरीज को भी अस्पताल में भर्ती नहीं करा सकते हैं। बीमार होने पर सुरक्षाकर्मी को स्वयं कर्मचारी की वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। अर्जुन ने बताया कि जब कर्मचारियों ने विरोध किया उनको बिना नोटिस बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी न होने पर सुरक्षाकर्मी पहले क्रमिक और फिर आमरण अनशन को मजबूर होंगे। सौरभ ठाकुर, मनोज, संजय, आदेश, शुभम, सागर शर्मा, अनिल कुमार, सुनील भारती और रमेश लाल आदि धरने पर बैठे हैं।
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