यहां पहुंचने पर उन्होंने पत्रकारों से अपने अनुभव साझा किए। बकौल राजीव रग रग में गंगा सीरियल के जरिए उन्हें गंगा को नई दृष्टि से देखने का मौका मिला। उनका कहना है कि आम आदमी गंगा के प्रति आस्था तो रखता है, लेकिन उसके महत्व को नहीं जानता। गंगा से हम बहुत कुछ ले रहे हैं और बदले में उसे गंदगी के सिवाय कुछ नहीं दे रहे हैं।
जयपुर के रहने वाले राजीव कहते हैं कि पिछले वर्ष जब वह अपनी दिवंगत मां विजयलक्ष्मी की अस्थियां गंगा मे विसर्जित करने हरिद्वार आए थे, तो उन्हें गंगा की महानता का गहरा अनुभव हुआ। राजीव पहाड़वासियों से भी काफी प्रभावित है।
उनका कहना है कि पहाड़ों की आतिथ्य भावना व संघर्ष की तुलना नहीं की जा सकती है। वहीं रग-रग में गंगा सीरियल की निर्देशक दिव्या भारद्वाज ने बताया कि गोमुख से गंगा सागर तक 14 मुख्य स्थानों की संस्कृति को दिखाया जाएगा। अगले वर्ष जनवरी माह से प्रसारित होने वाले सीरियल में गंगा के प्रति आम आदमी में जागरूकता लाने का काम किया जाएगा।