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कड़ी मेहनत और लगन से पाया मुकाम

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कहते हैं अगर मन में कुछ करने की मंशा हो और कड़ी मेहनत और लगन से कोई कार्य किया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है। यह कहावत एसीसी के दीक्षांत समारोह में गोल्ड, सिलवर और ब्रांज मेडल पाने वाले मनोज बृजवासी, नितेश बिष्ट और मनप्रीत ने सच कर दी। तीनों सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन पहले सिपाही के तौर पर सेना और नेवी में भर्ती होने के बाद आज वह अफसर बनने की राह पर चल पड़े हैं। यही नहीं तीनों ने अपने तीन साल के कड़े प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण किया और गोल्ड, सिलवर और ब्रांच मेडल प्राप्त किया।
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गोल्ड मेडल से सम्मानित मनोज बृजवासी कौलापार हल्द्वानी के रहने वाले हैं। उनके पिता शंकर दत्त बृजवासी किसान हैं, जबकि माता बसंती देवी गृहणी। बृजवासी 2011 में नेवी में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। सर्विस के दौरान ही उन्होंने एनडीए की तैयारी की और कड़ी मेहनत के बल एनडीए की परीक्षा पर एसीसी में प्रवेश पाया। अब एक साल के प्रशिक्षण के बाद वह भारतीय सेना में अधिकारी बन जाएंगे। एसीसी में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल से नवाजा गया। सिल्वर मेडल विजेता नितेश बिष्ट आर्मी परिवार से नाता रखते हैं। वह उत्तराखंड के अल्मोडा के पूरी पोखरखाली के निवासी है। उनके पिता गोविंद बिष्ट सेना से रिटायर्ड है। जबकि माता गृहणी है। उनके दादा रणजीत सिंह भी सेना से सेवारत है। नितेश ने भी 2012 में नेवी बतौर सिपाही ज्वाइन की थी। उनकी शिक्षा भी अल्मोड़ा में ही हुई थी। वहीं ब्रांच मेडल विजेता भटिंडा पंजाब के रहने वाले हैं। वह भी सामान्य परिवार से हैं। उनके पिता रजेंद्र सिंह किसान हैं और माता गुरविंदर सिंह गृहणी। वर्ष 2014 में उन्होंने आर्मी ज्वाइनिंग की थी। इसके बाद उन्होंने एनडीए की तैयारी की और पहले ही बार में एनडीए की परीक्षा पास कर दी। एसीसी में अच्छा प्रदर्शन करने पर उन्हें ब्रांज मेडल से सम्मानित किया गया।
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