मरने वाला हूं जल्दी-जल्दी पूछ लो...यह कहना था हादसे में गंभीर घायल युवक का। उसका शरीर इस कदर फट गया था कि उसकी आंतें बाहर आ गई थीं। शरीर खून से लथपथ था। पुलिस के जवान उसे हौसला दे रहे थे और वह हादसे का विवरण बता रहा था। लेकिन अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई..।
इस युवक ने दफ्तर पहुंचने की जल्दी में अपनी जान गंवा दी। ट्रक और कार के बीच से निकलते वक्त वह स्कूटी समेत ट्रक के नीचे आ गया। समय से एंबुलेंस नहीं आने के कारण वह डेढ़ घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा। बाद में देरी से पहुंची एंबुलेंस से उसे मैक्स अस्पताल पहुंचाया गया था।
मूल रूप से थराली (चमोली) निवासी मनमोहन बहुगुणा (25) मोथरोवाला पुष्प कुंज में किराये में रहता था। एमबीए करने के बाद उसको रायपुर स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी मिली थी। शुक्रवार सुबह 10 बजे वह ऑफिस के लिए निकला। देर होने की वजह से वह स्कूटी तेज चलाने लगा।
हैंडल कार से टकरा गया
बंजारावाला स्थित बंगाली कोठी पार कर मोथरोवाला रोड पर पहुंचा तो बोरवेल ड्रिल ले जा रहे 12 टायरा ट्रक को ओवरटेक करने लगा। इसी वक्त आगे से कार आ गई। ट्रक-कार के बीच से स्कूटी निकालने के लिए रफ्तार बढ़ाई तो सड़क संकरी होने की वजह से स्कूटी का हैंडल कार से टकरा गया और वह अनियंत्रित होकर गिर गया।
गिरते ही उस पर ट्रक चढ़ गया। उसकी चीख सुनकर चालक ट्रक छोड़कर भाग गया। लोगों ने पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एसओ नेहरू कॉलोनी अबुल कलाम ने बताया कि परिजनों को सूचना दे दी गई है।
डेढ़ घंटे देरी से पहुंची एंबुलेंस
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि यदि वक्त पर एंबुलेंस पहुंचती तो मनमोहन की जान बच भी सकती थी। गौरव असवाल ने बताया कि एंबुलेंस के लिए कई बार काल की गई। लेकिन पहले बताया गया कि सभी 108 एंबुलेंस व्यस्त हैं। बाद में प्रेमनगर क्षेत्र से 108 को बुलाया गया। तकरीबन डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। डेढ़ घंटे तक मनमोहन सड़क पर तड़पता रहा।