आपदा से हर किसी के दिल में दर्द है। बच्चे भी आपदा से दुखी हैं, उनका मन भी पीड़ितों की सहायता करने को बेचैन हो रहा है।
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
बुधवार को दो बच्चियां जब ‘अमर उजाला’ कार्यालय पहुंची तो कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यमुनोत्री इंक्लेव, सेंवला कला निवासी पांच साल की नन्हीं पीहू मालवा और छोटी बहन अविका का मन भी प्रदेश में आई आपदा से बेचैन था।
खुशी का ठिकाना न रहा
अखबार में छपने वाली फोटो देखकर उनका बाल मन अपनी जमापूंजी पीड़ितों की मदद को देने के लिए उतावला हो रहा था। कई दिन तक जिद करने के बाद पापा प्रदीप मालवा उन्हें ‘अमर उजाला’ कार्यालय लेकर पहुंच गए तो मानों उनकी खुशी का ठिकाना न रहा।
गुल्लक को ‘अमर उजाला’ कार्यालय में तुड़वाया तो सिक्के देखकर खुशी से उछल पड़ी। इससे 199 रुपये निकले। बच्चियों के चेहरे पर संतुष्टि साफ देखी जा सकती थी।