ऋषिकेश। नरेंद्रनगर शहरी क्षेत्र में पानी से महरूम लोगों की प्यास गंगा जल से बुझेगी। इसके लिए स्वीकृत पंपिंग योजना का कार्य जल्द शुरू होने वाला है। योजना के तहत मुनिकीरेती में इंफिल्ट्रेशन वेल का निर्माण किया जाएगा। यहां से राइजिंग मेन और दो आईपीएस के जरिए पंप कर पानी नरेंद्रनगर स्थित मुख्य जलाशय तक पहुंचाया जाएगा।
क्षेत्र के लोगों को अब गर्मियों में पेयजल किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्य सेक्टर से 2126.67 लाख रुपये की वित्तीय मंजूरी के बाद नरेंद्रनगर पुनर्गठन पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण जल्द शुरू होने को है। योजना के तहत मुनिकीरेती में बस पार्किंग के समीप गंगातट पर इंफिल्ट्रेशन वेल का निर्माण किया जाएगा और 6750 मीटर राइजिंग मेन पेयजल लाइन बिछाई जाएगी।
योजना के तहत तपोवन बाईपास मार्ग स्थित खारास्रोत ब्रिज के समीप और ओणीबैंड के पास दो पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) स्थापित किए जाएंगे। इनके जरिए पानी को नरेंद्रनगर में प्रस्तावित 1500 किलोलीटर, 700 केएल और 400 केएल के सीडब्लूआर (जलाशय) में स्टोर किया जाएगा। इससे क्षेत्र में वर्तमान में संचालित करीब डेढ़ दशक पुरानी पेयजल योजना के जलाशयों से कनेक्ट कर ब्रांच लाइनों के माध्यम से पानी को नरेंद्रनगर शहर में वितरित किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन से क्षेत्रवासियों को पेयजल किल्लत से स्थाई रूप से निजात मिलने की उम्मीद है।
तीन दशक तक मिलेगा भरपूर पानी
विभाग द्वारा पुनर्गठन पेयजल पंपिंग योजना को वर्ष 2045 के लिहाज से नौ हजार आबादी की दृष्टि से डिजाइन किया गया है। जबकि वर्तमान में क्षेत्र की आबादी लगभग पांच हजार है। ऐसे में नई योजना से क्षेत्रवासियों को तीन दशक तक पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
यह क्षेत्र होंगे लाभान्वित
राजमहल, तहसील, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, पालीटेक्निक कालेज, एससीइआरटी, मिलिट्री एरिया, सभी सरकारी दफ्तर।
क्या कहते हैं अधिकारी
टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। कार्यदायी संस्था को डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्य शुरू करने में माहभर का समय लग सकता है।
- एमएल गुप्ता, सहायक अभियंता, जल निगम मुनिकीरेती डिवीजन