दिल्ली में भूख से बच्चों की मौत का दहलाने वाला घटनाक्रम अभी लोग भूल नहीं पाए कि यूपी के कन्नौज जिले में जलालाबाद केअनौगी ग्राम पंचायत के एक परिवार में दो बच्चों की जिंदगी कुपोषण की भेंट चढ़ने का मामला सामने आया है। कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों में शुमार भाई-बहन की मौत की तात्कालिक वजह डायरिया बनी। गरीबी के कारण एक वक्त खाना बनना और दिन में बने चावल को रात में खाना डायरिया के संक्रमण का कारण माना जा रहा है।
चौबीस घंटे के भीतर दो बच्चों की मौत का सामना किया मजरा बदलेपुरवा निवासी मजदूर हरिराम कोरी के परिवार ने। चार संतानों में शामिल छह साल के बेटे शिवशंकर की गुरुवार देर रात मौत हो गई तो शुक्रवार रात 18 महीने की बेटी कंचन की सांसें भी थम गईं। दोनों की हालत उल्टी-दस्त से बिगड़ी थी। देखते-देखते दो बच्चों की जान जाने पर ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह बघेल ने सूचना अफसरों को दी तो जलालाबाद सीएचसी से लेकर जिले के अफसरों तक हड़कंप मच गया। बताया गया कि कुपोषित बच्चों में शामिल कंचन बदलेपुरवा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की देखरेख में थी।