लोकसभा चुनावों को लेकर युद्धस्तर पर चल रही तैयारियों के मद्देनजर काम में ली जाने वाली बसों की व्यवस्था के लिए आरटीओ अधिकारी चलती बसों से सवारियों को उतारकर बसों का अधिग्रहण कर रहे हैं। हाल ही में दौसा लोकसभा क्षेत्र में ऐसा ही एक वाकया हुआ। यहां आरटीओ अधिकारी ने जयपुर की तरफ से आ रही एक बस को रुकवाकर उसकी सवारियों को बस से उतार दिया और बस का अधिग्रहण कर लिया।
दरअसल दौसा में प्रथम चरण के चुनाव के दौरान 19 अप्रैल को मतदान होना हैं, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील लोकसभा क्षेत्र होने के कारण यहां सुरक्षा जवानों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था भी तैनात करनी होगी, जिसके लिए बसों का अधिग्रहण किया जा रहा है।
प्रादेशिक परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर द्वारा बस के अधिग्रहण को लेकर बस के ड्राइवर और कंडक्टर के पास कोई जवाब नहीं था। बसों को चुनाव के काम में लगाने को लेकर क्षेत्र के तमाम बस मालिकों को पहले ही सूचना जारी की जा चुकी है। बस का ड्राइवर अपनी बस को ट्रांसपोर्टेशन में काम ले रहा था, अब परिवहन विभाग द्वारा पकड़े जाने के बाद बस को चुनाव के काम में लिया जाएगा। दरअसल चुनाव कराने के लिए आवागमन के पर्याप्त संसाधनों की कमी के चलते सड़कों पर चलती हुई बसों का अधिग्रहण किया जा रहा है।
रही बात सवारियों की तो बस मालिकों को पूर्व में ही सूचित किया जा चुका है कि चुनाव के दौरान चुनावी कार्य में लगाई गई बसों से सवारियों का आवागमन बंद करना होगा। चुनाव में लगाई गई बसों के लिए नियम अनुसार भुगतान भी बस मालिकों को किया जाएगा। इसके बावजूद इन बसों से सवारियों का आवागमन किया जा रहा है।
इस मामले में जिला परिवहन अधिकारी संजीव भारद्वाज ने बताया कि दौसा जिले में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सुरक्षा बल तैनाती के लिए आवागमन के साधनों की आवश्यकता के चलते बसों का अधिग्रहण किया जा रहा है।