हाथरस। खाद्य वस्तुओं में मिलावट करने के कई साल पुराने मामले में सादाबाद के जेएम कोर्ट ने सादाबाद और सहपऊ थाना क्षेत्र के 22 खाद्य कारोबारियों को अनोखी सजा सुनाई है। इनमें से दो लोगों को अलग-अलग एक साल और छह महीने की सजा सुनाई गई है। 20 लोगों को कोर्ट की कार्रवाई चलने तक कोर्ट रूम में खड़ा रहने की सजा (टिल द राइजिंग कोर्ट) सुनाई गई है।
इन पर करीब 57 हजार रुपये के जुर्माने की कार्रवाई भी की गई है। इसके अलावा दो अन्य कारोबारियों की फाइल दाखिल दफ्तर कर उन्हें बरी कर दिया गया।
मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी हरींद्र सिंह और खाद्य सुरक्षाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि साल 2011 से पहले के खाद्य पदाथों में मिलावटखोरी के कई मामलों में जेएम कोर्ट ने खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के तहत यह कार्रवाई की है।
उन्होंने बताया कि दूध में मिलावट करने पर राजू पर दो हजार, रेशमपाल पर दो हजार, कंचन पर पांच हजार, विशंभर पर 1,500, फौजी पर दो हजार, रामपाल पर एक हजार, हरी सिंह पर दो हजार, मुकुट सिंह पर 2,500, पिंटू पर 2,500, पप्पू पर तीन हजार, हरी सिंह पर दो हजार, राजू पर दो हजार, नौरंगीलाल पर दो हजार, नौरंगीलाल पर दो हजार, गोपाल पर 3,500, भोला पर तीन हजार, ओमप्रकाश पर दो हजार, कुंवरपाल पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
खोवा में मिलावट करने पर अनिल पर पांच हजार, सरसों के तेल में मिलावट करने पर त्रिलोकी पर दो हजार का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने के अलावा इन सभी को कोर्ट की कार्रवाई चलने तक कोर्ट रूम में खड़ा रहने की सजा (टिल द राइजिंग कोर्ट) सुनाई है। यही नहीं, दूध में मिलावट करने पर चंद्रप्रकाश को एक साल और प्रीतम को छह महीने की सजा सुनाई गई है। इन पर छह हजार रुपये के जुर्माने की कार्रवाई भी कीे गई है।