कोतवाली में हंगामा करते व्यापारी।
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जाम से जूझते शहरवासियों को राहत देने के मकसद से सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार शाम को घनी आबादी वाले प्रमुख बाजारों में जैसे ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी, दुकानदारों में खलबली मच गई। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने मौके पर दी गई चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर चार दुकानदारों को हिरासत में ले लिया, जिनके समर्थन में बड़ी संख्या में शहर के कई प्रमुख व्यापारी नेता कोतवाली पहुंच गए। यहां देर तक व्यापारियों और पुलिस के बीच नोक-झोंक हुई। काफी देर तक हंगामा मचा रहा। बाद मे पुलिस ने दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी देकर हिरासत में लिए गए दुकानदारों को छोड़ दिया।
दरअसल, प्रमुख बाजारों में जाम की समस्या के निस्तारण के लिए कोतवाली पुलिस ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का ऐलान किया था। कई दिन पहले ही शहर के प्रमुख बाजारों के दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी। शुक्रवार को कोतवाल जसपाल सिंह पंवार हाथ में माइक और मय फोर्स के जब रामलीला मैदान बाजार में पहुंचे तो व्यापारियों में खलबली मच गई। किसी ने अपना त्रिपाल हटाया तो किसी ने अपनी बेंच अंदर धकेली। जल्द ही दुकानदार फुटपाथ पर सजी दुकान को चंद मिनटों में अपनी हद में ले जाने की कोशिश में जुट गए।
पुलिस ने बाजार में घूमकर माइक से व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी। पुलिस के सामने चार दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया और जब पुलिस ने उन्हें इसके लिए चेताया तो वह पुलिसकर्मियों से बहस करने लगे। इस पर पुलिस ने उक्त व्यापारियों को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई।
व्यापारियों को इस तरह हिरासत में लेने से कई व्यापारी प्रमुख व्यापारी नेताओं के साथ सदर कोतवाली पहुंच गए और पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया। कोतवाल जसपाल पंवार ने कहा कि व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने में सहयोग देना पड़ेगा। इस पर व्यापारी नेताओं ने कहा कि उन्हें कुछ समय दिया जाए। जल्द ही सभी दुकानदार खुद ही अतिक्रमण हटा लेंगे। व्यापारी नेताओं के भरोसा दिलाने पर पुलिस ने दुकानदारों को हिरासत में मुक्त कर दिया। कोतवाल जसपाल सिंह पंवार का कहना है कि पुलिस एक्ट के तहत 50 दुकानदारों के चालान किए गए हैं। अभी चेतावनी दी गई है। जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।