आप मुश्किल परिस्थितियों में क्या करते हैं, कैसे हालातों से उबरते हैं, परेशानियों से लड़ते हैं, ये आपको परिभाषित करता है। विराट कोहली की जिंदगी भी ऐसे ही उतार-चढ़ाव से भरी है। एक 18 साल का लड़का जब दिल्ली की टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए रणजी ट्रॉफी में शतक की ओर बढ़ रहा था तभी एकाएक उसकी सारी खुशियां गम में बदल गई। आज भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे, दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटर विराट ने उस दिन अपने पिता को खोया था, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति, प्रचंड जीवटता ने उन्हें बिखरने की जगह निखरने में मदद की। नंबर एक खिलाड़ी बनने के लिए चीकू ने जी-तोड़ मेहनत की और इस स्थान पर बरकरार रहने के लिए अथक परिश्रम करते हैं।
हाल ही में भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री के साथ बात करते हुए दिल्ली के इस खिलाड़ी ने एक ऐसे किस्से से पर्दा उठाया, जिसके बारे में आपने शायद ही पहले कभी सुना होगा।