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विश्व कप 2011 के फाइनल में हुआ था धोनी से विवाद, नौ साल बाद संगाकारा का खुलासा

Fri, 29 May 2020 05:43 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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फाइनल में टॉस के दौरान धोनी और संगाकारा - फोटो : ट्विटर
1983 में कपिल देव की अगुवाई में भारतीय टीम ने अपना पहला विश्व कप जीता था, जिसके 28 साल बाद महेंद्र सिंह धोनी ने जीत का सूखा खत्म करते हुए हिंदुस्तान को 2011 में वर्ल्ड कप दिलवाया। भारतीय सरजमीं पर खेले इस फाइनल में माही के बल्ले से ही विजयी छक्का निकला था। अब उस ऐतिहासिक लम्हे के 9 साल बाद विपक्षी कप्तान कुमार संगाकारा ने बड़ा खुलासा किया है।
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विश्व कप 2011 फाइनल - फोटो : ट्विटर
फाइनल में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था। श्रीलंकाई टीम की कमान संभालने वाले कुमार संगाकारा से इंस्टाग्राम पर भारतीय क्रिकेटर रवि अश्विन ने फाइनल में टॉस के दौरान पैदा हुई भ्रम की स्थिति के बारे में पूछा।
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विश्व कप 2011 फाइनल टॉस - फोटो : ट्विटर
संगकारा ने कहा, 'मैच के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। श्रीलंका में ऐसा कभी नहीं हुआ। एक बार ईडन गार्डन्स में ऐसा हुआ था जब मैं पहली स्लिप के क्षेत्ररक्षक के साथ भी बात नहीं कर पा रहा था और इसके बाद वानखेड़े में हुआ। मुझे याद है कि मैंने टॉस के लिए कहा था और इसके बाद माही (धोनी) सुनिश्चित नहीं था और उसने पूछा कि क्या तुमने 'टेल' कहा और मैंने कहा कि नहीं मैंने 'हेड' कहा था।'

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विश्व कप 2011 फाइनल का टॉस - फोटो : ट्विटर
बकौल संगा, 'मैच रेफरी ने वास्तव में कहा था कि मैंने टॉस जीत लिया है, लेकिन माही ने कहा कि ऐसा नहीं है। वहां थोड़ा भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी और माही ने कहा कि टॉस फिर से कर लेते हैं और फिर से 'हेड' ही आया। मैं नहीं कह सकता कि यह किस्मत थी कि मैं टॉस जीत गया। मुझे लगता है कि अगर भारत टॉस जीतता तो वह पहले बल्लेबाजी कर सकता था।'
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एंजेलो मैथ्यूज - फोटो : ट्विटर
कुमार संगकारा का यह भी मानना है कि भारत के खिलाफ 2011 विश्व कप फाइनल में एंजेलो मैथ्यूज का चोट के कारण बाहर होना उनकी टीम को काफी महंगा पड़ा था। मेजबान भारत ने तब 28 साल बाद खिताब जीता था। न्यूजीलैंड के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल में अहम भूमिका निभाने वाले मैथ्यूज को मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल से बाहर होना पड़ा था।
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गौतम गंभीर एमएस धोनी - फोटो : ट्विटर
भारत के हाथों छह विकेट से हार के बारे में श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने कहा कि मैथ्यूज की चोट के कारण उन्हें 6-5 का संयोजन अपनाना पड़ा और यही वजह थी कि उन्हें टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करना पड़ा। महेला जयवर्धने के नाबाद 103 रन भी काम नहीं आए और भारत ने गौतम गंभीर के 97 रन और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की नाबाद 91 रन की पारी की मदद से लक्ष्य हासिल करके खिताब जीता।
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एंजेलो मैथ्यूज - फोटो : ट्विटर
संगकारा ने कहा, 'अगर एंजेलो मैथ्यूज फिट होता तो हम लक्ष्य का पीछा करना पसंद करते। मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि इससे परिणाम बदल जाता। मैथ्यूज सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरकर हमें जो संतुलन प्रदान करता था वह वास्तव में बोनस की तरह था।'
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कुमार संगाकारा - फोटो : Cricket Australia
उन्होंने कहा, 'अगर आप हमारे पूरे अभियान पर गौर करो तो मैथ्यूज के ओवर और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने की उनकी क्षमता हमारे लिए बोनस थी। वह तब युवा खिलाड़ी था और शुरू से ही परिस्थितियों को समझकर खेलता था। वह जानता था कि कैसे गेंदबाजों पर नियंत्रण बनाना है और कब तेजी से रन बनाने हैं।'
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