मिचेल स्टार्क, युवराज सिंह और वसीम अकरम
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गोल्डन बैट पुरस्कार आईसीसी विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है। प्रत्येक विश्व कप में रन बनाने वालों की रैंकिंग की जाती है। पहली बार यह अवॉर्ड 1975 में दिया गया था। यदि समान रन बनाने वाले एक से अधिक खिलाड़ी हों तो दोनों को गोल्डन बैट से सम्मानित किया जाता है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसके खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड चार बार गोल्डन बैट जीता है (1996 और 2003 में सचिन तेंदुलकर, 1999 में राहुल द्रविड़ और 2019 में रोहित शर्मा)।
हर विश्व कप के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज (गोल्डन बैट)
| विश्व कप |
बल्लेबाज |
देश |
रन |
| 1975 |
ग्लेन टर्नर |
न्यूजीलैंड |
333 |
| 1979 |
गॉर्डन ग्रीनीज |
वेस्टइंडीज |
253 |
| 1983 |
डेविड गावर |
इंग्लैंड |
384 |
| 1987 |
ग्राहम गूच |
इंग्लैंड |
471 |
| 1992 |
मार्टिन क्रो |
न्यूजीलैंड |
456 |
| 1996 |
सचिन तेंदुलकर |
भारत |
523 |
| 1999 |
राहुल द्रविड़ |
भारत |
461 |
| 2003 |
सचिन तेंदुलकर |
भारत |
673 |
| 2007 |
मैथ्यू हेडन |
ऑस्ट्रेलिया |
659 |
| 2011 |
तिलकरत्ने दिलशान |
श्रीलंका |
500 |
| 2015 |
मार्टिन गुप्टिल |
न्यूजीलैंड |
547 |
| 2019 |
रोहित शर्मा |
भारत |
648 |
गोल्डन बॉल पुरस्कार आईसीसी विश्व कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज को दिया जाता है। हर एक विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों की रैंकिंग की जाती है। पहली बार यह पुरस्कार 1975 में दिया गया था। यदि समान विकेट लेने वाले एक से अधिक खिलाड़ी हों तो दोनों को गोल्डन बॉल से सम्मानित किया जाता है। ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड छह बार यह अवॉर्ड जीता है। वहीं, भारतीय खिलाड़ियों ने तीन बार, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ने दो-दो बार, इंग्लैंड-वेस्टइंडीज और श्रीलंका ने एक-एक बार यह खिताब जीता है।
हर विश्व कप के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज (गोल्डन बॉल)
| विश्व कप |
गेंदबाज |
देश |
विकेट |
| 1975 |
गैरी गिलमोर
बर्नार्ड जूलियन |
ऑस्ट्रेलिया
वेस्टइंडीज |
11
11 |
| 1979 |
माइक हेंड्रिक |
इंग्लैंड |
10 |
| 1983 |
रोजर बिन्नी |
भारत |
18 |
| 1987 |
क्रेग मैक्डरमोट |
ऑस्ट्रेलिया |
18 |
| 1992 |
वसीम अकरम |
पाकिस्तान |
18 |
| 1996 |
अनिल कुंबले |
भारत |
15 |
| 1999 |
ज्यॉफ एलॉट
शेन वॉर्न |
न्यूजीलैंड
ऑस्ट्रेलिया |
20
20 |
| 2003 |
चमिंडा वास |
श्रीलंका |
23 |
| 2007 |
ग्लेन मैक्ग्रा |
ऑस्ट्रेलिया |
26 |
| 2011 |
जहीर खान
शाहिद अफरीदी |
भारत
पाकिस्तान |
21
21 |
| 2015 |
मिचेल स्टार्क
ट्रेंट बोल्ट |
ऑस्ट्रेलिया
न्यूजीलैंड |
22
22 |
| 2019 |
मिचेल स्टार्क |
ऑस्ट्रेलिया |
27 |
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड मुख्यत: उन खिलाड़ियों को दिया जाता है, जिसने बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी और फील्डिंग में भी अहम भूमिका निभाई हो। उसके ऑलराउंड प्रदर्शन ने टीम को कई अहम मैचों में जीत दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई हो। यह जरूरी नहीं है कि वह खिलाड़ी विश्व चैंपियन टीम से ही हो। पहली बार यह अवॉर्ड 1992 में दिया गया था। तब से सात संस्करणों में ऐसा चार बार हुआ है जब विश्व विजेता टीम से प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया हो। इनमें 1996 में सनथ जयसूर्या, 2007 में ग्लेन मैक्ग्रा, 2011 में युवराज सिंह और 2015 में मिचेल स्टार्क ने शामिल हैं।
अब तक के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
| साल |
खिलाड़ी |
देश |
स्टैट |
| 1992 |
मार्टिन क्रो |
न्यूजीलैंड |
456 रन |
| 1996 |
सनथ जयसूर्या |
श्रीलंका |
221 रन और 6 विकेट |
| 1999 |
लांस क्लूजनर |
दक्षिण अफ्रीका |
281 रन और 17 विकेट |
| 2003 |
सचिन तेंदुलकर |
भारत |
673 रन और 2 विकेट |
| 2007 |
ग्लेन मैक्ग्रा |
ऑस्ट्रेलिया |
26 विकेट |
| 2011 |
युवराज सिंह |
भारत |
362 रन और 15 विकेट |
| 2015 |
मिचेल स्टार्क |
ऑस्ट्रेलिया |
22 विकेट |
| 2019 |
केन विलियम्सन |
न्यूजीलैंड |
578 रन और 2 विकेट |
विश्व कप फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करना हर खिलाड़ी का सपना होता है। उसके प्रदर्शन से अगर टीम फाइनल जीत जाती है और चैंपियन बनती है तो वह प्रदर्शन उस खिलाड़ी के लिए जीवन भर की याद बन जाती है। फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच हमेशा विजेता टीम के खिलाड़ी ही चुने जाते हैं। पहली बार यह अवॉर्ड 1975 में दिया गया था।
फाइनल मैच में प्लेयर ऑफ द मैच
| साल |
खिलाड़ी |
देश |
स्टैट |
| 1975 |
क्लाइव लॉयड |
वेस्टइंडीज |
102 रन की पारी |
| 1979 |
विवियन रिचर्ड्स |
वेस्टइंडीज |
138* रन की पारी |
| 1983 |
मोहिंदर अमरनाथ |
भारत |
12/3 और 26 रन |
| 1987 |
डेविड बून |
ऑस्ट्रेलिया |
75 रन की पारी |
| 1992 |
वसीम अकरम |
पाकिस्तान |
33*(18) और 49/3 |
| 1996 |
अरविंद डिसिल्वा |
श्रीलंका |
107* रन और 42/3 |
| 1999 |
शेन वॉर्न |
ऑस्ट्रेलिया |
33/4 |
| 2003 |
रिकी पोंटिंग |
ऑस्ट्रेलिया |
140* रन की पारी |
| 2007 |
एडम गिलक्रिस्ट |
ऑस्ट्रेलिया |
149 रन की पारी |
| 2011 |
महेंद्र सिंह धोनी |
भारत |
91* रन की पारी |
| 2015 |
जेम्स फॉल्कनर |
ऑस्ट्रेलिया |
36/3 |
| 2019 |
बेन स्टोक्स |
इंग्लैंड |
84* रन की पारी |