आर्मबैंड (काली पट्टी) पहनने के कारण लगे प्रतिबंध के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा की अपील को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने खारिज कर दिया। यह दावा सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की एक रिपोर्ट में रविवार को किया गया। ख्वाजा ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के शुरुआती टेस्ट के दौरान गाजा में इस्राइल और फलस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष से प्रभावित होने वाले बच्चों के समर्थन में बांह पर काली पट्टी बांधी थी। इसके लिए आईसीसी ने उन्हें फटकार लगाई।
यह दावा सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की एक रिपोर्ट में रविवार को किया गया। ख्वाजा ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के शुरुआती टेस्ट के दौरान गाजा में इस्राइल और फलस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष से प्रभावित होने वाले बच्चों के समर्थन में बांह पर काली पट्टी बांधी थी। इसके लिए आईसीसी ने उन्हें फटकार लगाई।
आर्मबैंड पहनने के कारण विवाद होने पर उस्मान ख्वाजा ने अगले मैच में अपने जूते में बेटियों का नाम लिखा था। इस पर भी काफी विवाद हुआ था। कई फैंस का मानना था कि बेटियों की जगह जूते में नहीं, दिल में या माथे पर होनी चाहिए। हालांकि, आईसीसी ने इस मामले में ख्वाजा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उस्मान ख्वाजा इससे पहले भी ऐसे ही कारणों के चलते कई मौकों पर विवादों में रह चुके हैं।