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गेंद-बल्ले से नहीं बल्कि टीम इंडिया कैमरा और साइकिल चलाकर कर रही टेस्ट सीरीज की तैयारी

सार

  • 21 फरवरी से होगा दो टेस्ट मैच की सीरीज की शुरुआत
  • वेलिंग्टन में खेला जाएगा भारत-न्यूजीलैंड के बीच पहला टेस्ट
  • प्राकृतिक नजारे का आनंद लेते हुए टीम इंडिया कर रही तैयारी
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भारतीय टीम के साथ अनुष्का शर्मा - फोटो : ट्विटर
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विस्तार
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वन-डे सीरीज खत्म हो चुकी है और टेस्ट श्रृंखला का आगाज होने वाला है। टीम इंडिया के कई खिलाड़ी बदल चुके हैं। शुक्रवार से तीन-दिन का एक अभ्यास मैच हैमिल्टन में टेस्ट सीरीज शुरु होने से पहले

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खेला जाएगा। लेकिन, टीम इंडिया बेहद अच्छे मूड में दिख रही है और दिखे भी क्यों न। यहां न तो भीड़ भाड़ है और न ही लोग आपको सेल्फी और ऑटोग्राफ के लिए तंग करेंगे। हमारी प्रेस कांफ्रेस खत्म होती है और हम इंतजार कर रहें है अपनी टैक्सी का तभी अचानक हमारी नजर टेस्ट क्रिकेट के दो बड़े खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा पर पड़ती है। ये दोनों खिलाड़ी टहलने के लिए निकले हैं। दोनों से हाल-चाल और थोड़ी बात-चीत होती है और दोनों कहतें हैं कि न्यूजीलैंड में ये आजादी अच्छी लगती है जहां वो एकदम सामान्य तरीके से आम आदमी की तरह शहर में घूम सकते हैं।

साइकिल चलाते अश्विन और नीले पानी के करीब टीम इंडिया

पुतारुरू के ब्लू स्प्रिंग - फोटो : ट्विटर
भारतीय क्रिकेटर्स को हैमिल्टन की सड़कों पर बिना किसी रोक-टोक के टहलने देखना अपने आप में एक शानदार बदलाव रहा। मैंने ऐसा नजारा न तो कभी ऑस्ट्रेलिया में देखा और ना ही कभी इंग्लैंड में। विदेशी जमीं होने के बावजूद बहुत ज्यादा भारतीयों के होने से खिलाड़ियों को उन मुल्कों में भारत से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन, न्यूजीलैंड में ये फर्क साफ दिखाई देता है।

अब आप खुद सोचिए न आप कभी आर अश्विन को भारत में साइकिल चलाते देख सकते हैं क्या? मैंने शाम में देखा कि अश्विन स्थानीय साइकिल से घूम रहे थे और उनके चेहरे पर खुशी किसी किशोर से कम नहीं थी।

ऋषभ पंत और शार्दुल ठाकुर भी कुछ दिन पहले इस साइकिल की सवारी करते दिखे थे। वैसे, गुरुवार के दिन टीम ने कोई भी अभ्यास नहीं किया। पूरी टीम बस में करीब 1 घंटे की दूरी तय करके एक खास जगह पहुंची। यहां का पानी इतना शुद्ध है कि आपको ये नीले रंग का दिखाई दे।

प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण न्यूजीलैंड

टीम इंडिया - फोटो : सोशल मीडिया
टीम इंडिया के सारे खिलाड़ी इस जगह को देखकर प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठा रहे थे। ऐसी जगहों पर टीम जब एक साथ जाती है तो उनकी बॉन्डिंग भी बढती है। वैसे, न्यूजीलैंड में टीम इंडिया को एक और अलग तरह का अनुभव हो रहा है। बस की यात्रा। ज्यादातर शहर 2 से 3 घंटे के बीच में बस से ही तय कर लिए जाते हैं। ऐसे में टीम इंडिया हवाई जहाज की यात्रा न करके बस की यात्रा करती है।

भारत में जब टीम बस यात्रा टीम होटल से मैदान तक या होटल से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए करती है तो खिलाड़ी या तो सो जातें है या फिर कान में ईयरफोन लगा कर संगीत सुनने में वयस्त हो जाते हैं, लेकिन यहां पर बस यात्रा के दौरान खिलाड़ी सोने की बजाए प्रकृति की खूबसूरती को निहार रहे होते हैं।

हर कोई अपने फोन में सुंदर से सुंदर तस्वीर को समेटने की कोशिश में जुटा दिखता है या फिर वीडियो बनाने में मग्न रहता है। मजेदार बात ये है कि जब टीम बस के आगे पीछे सुरक्षा व्यवस्था का कोई लंबा-काफिला और सायरन की आवाजें सुनाई नहीं देती है।
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न्यूजीलैंड का कोई मुकाबला नहीं!

भारत बनाम न्यूजीलैंड - फोटो : social Media
खुद खिलाड़ी सड़क पर चलते हुए किसी स्थानीय या भारतीय को हाय-हैली कर देते हैं, मुस्करा देतें हैं। दरअसल, न्यूजीलैंड एक बेहद शांतिप्रिय जगह है और यहां के लोग आपकी जिंदगी में दखल देने की जरा भी कोशिश नहीं करतें है। आप चाहे सुपर-स्टार हों या आम नागरिक, सबसे साथ लगभग एक जैसा ही रवैया अपनाया जाता है।

भारतीय खिलाड़ियों को ये काफी पसंद आता है। शाम के बाद जब रात हुई तो खिलाड़ी अलग-अलग जत्थे में अलग-अलग भारतीय रेस्त्रां में डिनर करते दिखाई दिए। यहां पर भी कोई रोक-टोक करने वाल नहीं है। आराम से खाए और होटल जाए। भारतीयों खिलाड़ियों के लिए ये किसी लक्जरी से कम थोड़े ही है।

एक बात और अच्छी है कि यहां पर ना तो दर्जन भर भारतीय चैनलों के कैमरे खिलाड़ियों के पीछे भाग रहें हैं और स्थानीय मीडिया को तो टीम इंडिया से कोई मतलब ही नहीं है। एक भी टीवी चैनल इनके पीछे दीवाना नहीं है। ऐसा तो वाकई में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी नहीं होता है।

शायद यही वजह है कि ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों से हमने उनके सबसे पसंदीदा मुल्क के बारे में पूछा तो ज्यादातर लोगों का एक ही जवाब था- न्यूजीलैंड का कोई मुकाबला नहीं! और मैं भी उनकी राय से पूरी तरह इत्तेफाक रखता हूं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): 
यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें  blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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