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T20 World Cup: रवि शास्त्री के समर्थन में उतरे बाबर आजम, कहा- बायो-बबल में रहकर लगातार खेलना आसान नहीं

Wed, 10 Nov 2021 12:24 PM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अबू धाबी

सार

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम का मानना है कि बायो-बबल में रहकर लगातार खेलना खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं है। उन्होंने टीम इंडिया के निवर्तमान कोच रवि शास्त्री के विचारों से अपनी सहमति जताई। 
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बाबर आजम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम ने मंगलवार को टीम इंडिया के निवर्तमान मुख्य कोच रवि शास्त्री के उस बात का समर्थन किया कि बायो-बबल में रहकर लगातार खेलना खिलाड़ियों के लिए आसान नही है। क्योंकि इससे वे परेशान और असहज हो सकते हैं। टी-20 विश्व कप में नामीबिया के खिलाफ विश्व कप मैच के बाद हेड कोच रवि शास्त्री ने कहा था कि लगातार छह महीने बायो-बबल में रहने और खेलने से खिलाड़ी मानसिक और शारीरिक रूप से थक गए। विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए टीम इंडिया को आईपीएल के बाद और वर्ल्ड कप से पहले ब्रेक की जरूरत थी। साल 2012 के बाद भारतीय टीम पहली बार आईसीसी इवेंट के सेमीफाइनल में क्वालीफाई नहीं कर पाई। 

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बायो-बबल में रहने से परेशान हो जाते हैं खिलाड़ी

बाबर ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जाने वाले सेमीफाइनल मैच से पहले वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, देखिए, पेशेवर क्रिकेट में हमेशा उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन हां, बायो-सिक्योर बबल वातावरण में लगातार रहने से खिलाड़ी परेशान और असहज हो जाते हैं। बाबर के मुताबिक, हमने एक समूह के रूप में काम करके और पाकिस्तान टीम में एक-दूसरे का समर्थन करके इस मुकाबला करने की कोशिश की। पाकिस्तान के कप्तान ने कहा, खिलाड़ियों के लिए पिछले साल से लगातार बंद माहौल में रहना आसान नहीं रहा है, कोविड-19 महामारी के कारण बायो-बबल एक आदर्श बन गए हैं, एक खिलाड़ी के रूप में आपको आराम करने और दबाव सहने के लिए तैयार रहने की जरूरत है, लेकिन ऐसे समय में जब चीजें ठीक नहीं चल रही होती हैं तो आपको स्पेस और आपको तरोताजा होने की जरूरत होती है। 

खिलाड़ियों के साथ ऐसे बिठाया सामंजस्य

बाबर आजम के मुताबिक, यदि आप बायो-बबल के बाहर नहीं जा सकते तो आपके दिमाग में निगेटिव विचार प्रवेश करने लगते हैं जो आपकी परफॉर्मेंस के प्रभावित करते हैं। बाबर ने कहा कि पाकिस्तान ने वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ एक समूह के रूप में काम करके इस स्थिति का मुकाबला करने की कोशिश की, यहां तक कि उन खिलाड़ियों के लिए परामर्श सत्र भी आयोजित किया जो बायो-बबल में सहज महसूस नहीं कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा, हम सभी एक-दूसरे से हर समय समूहों में बात करने की कोशिश करते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं, यह हमें आराम करने और प्रोत्साहित देने का काम करता है। 

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