दीप दासगुप्ता ने टीम इंडिया की टी20 योजनाओं का स्पष्ट आकलन करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि टीम किस दिशा में जा रही है। उन्होंने कहा, 'मैं थोड़ा हैरान था क्योंकि मुझे लगा कि टीम रोहित और कोहली से आगे बढ़ गई है। मुख्य आलोचना पिछले टी20 विश्व कप में सीनियर खिलाड़ियों की इंटेंट की कमी को लेकर हुई थी। हालांकि, फिर आपको यह ध्यान में रखना होगा कि आप वेस्टइंडीज में किस तरह की पिचों की उम्मीद कर रहे हैं - क्या आप 180 या 200 रन के विकेट की उम्मीद कर रहे हैं? ईमानदारी से कहूं तो मुझे पिछले एक साल में भारतीय टीम किस दिशा में जा रही है, इस बारे में पता नहीं चल रहा। अगर टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं को कोहली और रोहित के पास वापस जाना पड़ा। पिछले एक साल में हमारे पास जो टीम थी, उसे देखते हुए यह एक बार फिर से हम पुराने दौर में वापस लौटते हुए दिख रहे हैं।
दासगुप्ता का यह भी मानना है कि विराट और रोहित की वापसी से टीम में कुछ नुकसान होंगे और उनमें से एक हार्ड हिटिंग फिनिशर रिंकू सिंह हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर आप इंग्लैंड के खिलाफ (2022 टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में) और हाल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की टीम को देखें तो इस टीम में फिलहाल हार्दिक, जडेजा, बुमराह और सिराज की वापसी तय है। मध्यक्रम में ज्यादा बदलाव नहीं दिख रहा। कोहली नंबर तीन पर, सूर्या चार पर, हार्दिक पांच पर, जितेश या सैमसन छह पर खेलते दिखेंगे। फिर जडेजा और बाकी खिलाड़ी आएंगे। इसलिए मध्यक्रम और फिनिशर की भूमिका में कोई अंतर नहीं होगा।
उन्होंने कहा, 'रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी की कमी खलेगी। आपको जितेश और सैमसन में से किसी एक को चुनना होगा। मैं आगे टी20 विश्व कप के बारे में बात कर रहा हूं। रिंकू और यशस्वी दोनों ने बहुत प्रभावित किया था। खासतौर पर रिंकू ने, क्योंकि वह एक बहुत ही विशिष्ट और अनूठी भूमिका निभाते हैं और उस स्थान (फिनिशर) के लिए बहुत अधिक प्रतियोगी भी नहीं हैं। आपको शीर्ष क्रम के काफी बल्लेबाज मिलेंगे, लेकिन शायद ही कभी ऐसे बल्लेबाज होते हैं जो नंबर सात या आठ पर शानदार प्रदर्शन करते हैं। रिंकू और तिलक अफगानिस्तान के खिलाफ खेल सकते हैं, लेकिन जब हार्दिक और सूर्या उपलब्ध होंगे, तो मुझे लगता है कि रिंकू और तिलक दोनों को बाहर कर दिया जाएगा।