भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने रोहित शर्मा को लेकर एक बड़ा खुलासा किया। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि रोहित शर्मा पूर्णकालिक कप्तान बनने के लिए तैयार नहीं थे। 2021 में कोहली ने जब टी20 की कप्तानी छोड़ी थी। कोहली टीम को एक भी आईसीसी टूर्नामेंट में चैंपियन नहीं बना पाए। गांगुली ने बताया कि इसके बाद कैसे रोहित शर्मा को तीनों फॉर्मेट में कप्तानी मिली थी और उन्होंने मुकरने के बाद किस तरह इसे स्वीकार किया था।
दरअसल, चयनकर्ताओं का विचार था कि सफेद गेंद वाले क्रिकेट (टी20 और वनडे) में केवल एक ही कप्तान होना चाहिए और उन्होंने जल्दबाजी में रोहित को वनडे और टी20 कप्तान घोषित कर दिया। वनडे में कोहली को कप्तानी से हटाने के फैसले ने कई लोगों को चौंका दिया और फिर भारत के दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज हारने के बाद उन्होंने टेस्ट कप्तानी से भी इस्तीफा दे दिया। तब रोहित शर्मा को टेस्ट का कप्तान भी घोषित किया गया था, लेकिन गांगुली ने खुलासा किया है कि रोहित पूर्णकालिक कप्तानी लेने के लिए तैयार नहीं थे।
गांगुली ने किसी तरह रोहित को मनाया
गांगुली को किसी तरह रोहित को उस समय भारतीय क्रिकेट की कमान संभालने के लिए राजी करना पड़ा। इस भूमिका के लिए कोई नजर नहीं आ रहा था। हालांकि, अब उन्हें खुशी है कि मुंबई का यह क्रिकेटर टीम के लिए रन बना रहा है और आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहा है।
गांगुली ने रोहित से क्या कहा था?
सौरव गांगुली ने एक इंटरव्यू में कहा, "रोहित शर्मा कप्तानी नहीं चाहते थे क्योंकि उन पर सभी प्रारूपों में खेलने का बहुत दबाव था। यह उस स्तर तक पहुंच गया था जहां मैंने उनसे कहा कि आपको हां कहना होगा या मैं आपके नाम की घोषणा करूंगा। मुझे खुशी है कि उन्होंने इसे स्वीकार किया। अब वह आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं और आप लोग नतीजे देख सकते हैं।"
विश्व कप में रोहित ने किया शानदार प्रदर्शन
रोहित शर्मा के आक्रामक रवैये से मौजूदा विश्व कप में भारत को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने अब तक आठ मैचों में 122.78 के स्ट्राइक-रेट से 22 छक्कों के साथ 442 रन बनाए हैं। भारतीय टीम विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। उसने लगातार चौथे विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। टीम इंडिया 2011 में चैंपियन बनी थी। उसके बाद 2015 और 2019 के सेमीफाइनल में उसे हार का सामना करना पड़ा था। अब देखना है कि रोहित शर्मा अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को चैंपियन बना पाते हैं या नहीं।