जयसूर्या तब क्रीज पर आए ही थे। वह छह रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे जब उन्हें ड्रॉप किया गया। जीवनदान मिलने के बाद वह 75 गेंदों तक बल्लेबाजी करते रहे और 28 रन बनाए। उन्होंने कामिंदु मेंडिस के साथ अच्छी साझेदारी निभाई। मेंडिस 92 रन बनाकर नाबाद रहे और श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 531 रन बनाए। इसी टेस्ट के पहले दिन एक और मनोरंजक घटना घटी थी, जब शांतो ने कुसल मेंडिस के खिलाफ एलबीडब्ल्यू के लिए डीआरएस का विकल्प चुना था, जबकि गेंद स्पष्ट रूप से उनके बल्ले के बीच में लगी थी।
श्रीलंका ने 531 रन बनाने के साथ भारत का 48 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। दरअसल, इस पारी के दौरान श्रीलंका के किसी ने बल्लेबाज ने शतक नहीं लगाया। यह टेस्ट की किसी एक पारी में बिना किसी बल्लेबाज के शतक के सर्वाधिक टीम टोटल है। इस मामले में श्रीलंकाई टीम ने भारत का रिकॉर्ड तोड़ा। भारत ने 1976 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 524/9 का स्कोर बनाया था और तब टीम इंडिया के किसी बल्लेबाज ने शतक नहीं लगाया था।
श्रीलंका की नजरें सीरीज जीतने पर
श्रीलंका ने सीरीज के पहले टेस्ट में बांग्लादेश पर 328 रन की शानदार जीत दर्ज की थी और दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 531 रन के विशाल स्कोर के बाद सीरीज जीतने की कोशिश करेगा। कोई श्रीलंकाई बल्लेबाज शतक नहीं लगा सका। कुसल मेंडिस (93) और कामिंदु मेंडिस (92*) भी उस मुकाम को नहीं छू सके। निशान मदुष्का (57), दिमुथ करुणारत्ने (86), दिनेश चांदीमल (59) और कप्तान धनंजय डी सिल्वा (70) सभी ने अर्धशतक जमाए।
टेस्ट की किसी एक पारी में बिना किसी शतक के टीम के हाईएस्ट टोटल
- 531/10: श्रीलंका बनाम बांग्लादेश, 2024
- 524/9: भारत बनाम न्यूजीलैंड, 1976
- 520/7: ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज, 2009
- 517/10: दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया, 1998
- 500/8: पाकिस्तान बनाम ऑस्ट्रेलिया, 1981