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Virender Sehwag: हर प्रारूप में होना चाहिए अलग कप्तान? संवाद में सहवाग ने दिया चौंकाने वाला जवाब, जानें

Mon, 02 Sep 2024 01:16 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

साइबर सिटी गुरुग्राम में अमर उजाला के खास कार्यक्रम में भारत के पूर्व ओपनर और मुल्तान के सुल्तान के नाम से मशहूर वीरेंद्र सहवाग भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने  क्रिकेट से जुड़ी कुछ दिलचस्प घटनाओं पर बातचीत की।
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सहवाग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय टीम के पू्र्व दिग्गज बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने हर प्रारूप में अलग-अलग कप्तान होने के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि लाल और सफेद गेंद क्रिकेट में भारतीय टीम अलग-अलग कप्तान के साथ खेल सकती है। सोमवार को पू्र्व भारतीय बल्लेबाज अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भारतीय टीम से जुड़े तमाम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। 
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सहवाग - फोटो : PTI
साइबर सिटी गुरुग्राम में अमर उजाला के खास कार्यक्रम में भारत के पूर्व ओपनर और मुल्तान के सुल्तान के नाम से मशहूर वीरेंद्र सहवाग भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने  क्रिकेट से जुड़ी कुछ दिलचस्प घटनाओं पर बातचीत की। सहवाग ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सुझाव देते हुए कहा कि लाल और सफेद गेंद प्रारूप में अलग-अलग कप्तान हो सकते हैं। इसके अलावा दो टीमें भी खेल सकती हैं।

सवाल: क्या आपको लगता है कि व्हाइट बॉल और रेड बॉल टीम के कप्तान अलग-अलग हों और दो टीमें खेलें?
जवाब: हो सकता है और हमारे समय में भी ऐसा था। वनडे और टेस्ट टीम के खिलाड़ी बदलते थे। कुछ खिलाड़ी टेस्ट और वनडे दोनों खेलते थे, कुछ टेस्ट खेलते थे और कुछ सिर्फ वनडे खेलते थे। वो बदलाव जरूर लाया जा सकता है और इस तरह से खिलाड़ियों को रेस्ट भी दिया जा सकता है। होना चाहिए ये। और देशों में भी ऐसा होता है, कुछ देशों ने तीन कप्तान बनाए हैं। टेस्ट का अलग, वनडे और टी20 के अलग-अलग। तो भारत भी इस बारे में सोच सकता है, क्योंकि बदलाव तो होता रहता है और बदलाव करना कोई बुरी बात नहीं है।
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वीरेंद्र सहवाग - फोटो : PTI
इसके अलावा उन्होंने भारतीय टीम के नए मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए भविष्य में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा- मुझे लगता नहीं कि ज्यादा कुछ चुनौती है, क्योंकि वहां और भी प्रोफेशनल्स हैं। गंभीर की चुनौतियां कम होंगी और खिलाड़ियों की चुनौतियां ज्यादा होंगी क्योंकि उन्हें लगेगा कि हमने टी20 विश्व कप जीता है तो अब हम चैंपियंस ट्रॉफी जीतें या फिर वनडे विश्व कप जीतें या फिर टेस्ट चैंपियनशिप जीतें।

सवाल: गंभीर हेड कोच बन गए हैं। आप किस तरह की जिम्मेदारी उन पर देखते हैं?
जवाब: मुझे लगता नहीं कि ज्यादा कुछ चुनौती है, क्योंकि वहां और भी प्रोफेशनल्स हैं। हाल ही में खिलाड़ियों ने टी20 विश्व कप जीता है, खिलाड़ियों को पता है कि उनका रोल क्या है। गंभीर के आने से खिलाड़ियों को एक क्लैरिटी मिल जाएगी कि ये रोल है, आपको ये करना है। तो ये एक बेनिफिट मिलेगा भारतीय टीम को। गंभीर की चुनौतियां कम होंगी और खिलाड़ियों की चुनौतियां ज्यादा होंगी क्योंकि उन्हें लगेगा कि हमने टी20 विश्व कप जीता है तो अब हम चैंपियंस ट्रॉफी जीतें या फिर वनडे विश्व कप जीतें या फिर टेस्ट चैंपियनशिप जीतें। तो खिलाड़ियों पर ज्यादा चुनौतियां होंगी बजाय कोच के। क्योंकि गंभीर उनकी मदद करने के लिए वहां हैं।
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