पीएम मोदी के खिलाफ विवादित बयान देने के बाद अफरीदी की मदद करने वाले युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने इस पाक क्रिेकेटर से रिश्ता तोड़ लिया है। अफरीदी ने इस मुद्दे पर कहा कि वो दोनों तो मजबूर हैं। मैं युवी और भज्जी का शुक्रगुजार रहूंगा, जिन्होंने मेरे फाउंडेशन का समर्थन किया। वो रहते भारत में हैं, उन्हें यह भी पता है कि वहां कितना जुल्म हो रहा है। बस वो मजबूर हैं और मैं कुछ नहीं कहूंगा।' अफरीदी ने इस पाकिस्तानी न्यूज चैनल से बातचीत में यह भी कहा कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। वो सिर्फ मानवता के लिए गरीब लोगों की मदद कर रहे हैं और उन्हें हिंदुस्तान में बहुत प्यार मिला है।
शाहिन अफरीदी-नरेंद्र मोदी
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16 मई के आसपास इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें अफरीदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डरपोक कहते नजर आ रहे थे। वह पाकिस्तान के हिस्से वाले कश्मीर में मौजूद थे। वीडियो में अफरीदी कह रहे थे, 'मैं आपसे मिलकर बेहद खुश हूं, लेकिन बहुत बड़ी बीमारी पूरी दुनिया में फैली हुई है...लेकिन इससे भी बड़ी बीमारी मोदी के दिलो-दिमाग में है और वह बीमारी मजहब की बीमारी है। मजहब को लेकर वह सियासत कर रहे हैं और हमारे हमारे कश्मीरी भाई-बहनों और बुजुर्गों के साथ जुल्म कर रहे हैं। उन्हें जवाब देना होगा। वैसे तो मोदी बहुत दिलेर बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन हैं डरपोक आदमी। इतने छोटे से कश्मीर के लिए उन्होंने 7 लाख की फौज जमा की है जबकि पाकिस्तान की कुल फौज 7 लाख की है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि उनके पीछे 22-23 करोड़ की फौज खड़ी है। यूनाइटेड नेशंस के बनने का मकसद का भी समझ नहीं आता।'