हरभजन सिंह और महेंद्र सिंह धोनी
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इस साल भारत में होने वाले वनडे विश्व कप की शुरुआत पांच अक्तूबर से होगी। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम यह टूर्नामेंट जीतकर विश्व कप जीतने का बारह साल का सूखा खत्म करना चाहेगी। भारत ने आखिरी बार विश्व कप साल 2011 में जीता था। भारत ने आखिरी आईसीसी ट्रॉफी साल 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में जीती थी। इस साल वनडे विश्व कप में पहला मैच पिछले विश्व कप का फाइनल खेलने वाले इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।
भारत अपने विश्व कप कैंपेन की शुरुआत आठ अक्तूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में करेगा। भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह का मानना है कि भारत को विश्व कप का खिताब जीतने के लिए एक यूनिट की तरह खेलना होगा और सभी खिलाड़ियों को योगदान देना होगा। हरभजन का कहना है कि बड़े मुकाबलों में टीम के केवल एक या दो खिलाड़ी ही दबाव में प्रदर्शन कर पाते हैं। बल्कि सभी खिलाड़ियों में दबाव से उबरकर प्रदर्शन करने की क्षमता होनी चाहिए।
हरभजन ने कहा, "मुझे नहीं पता, यह कहना बहुत ही मुश्किल होगा कि क्या है जो 2011 की विश्व कप टीम में था और आज की टीम में नहीं हैं। भारत 2015 और 2019 विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंच कर बाहर हो गया था, और एक बार फिर आईसीसी ट्रॉफी हमसे दूर हो गई थी। शायद बड़े मुकाबलों के दबाव को झेलकर प्रदर्शन करने की क्षमता केवल एक या दो खिलाड़ियों में ही देखी जाती है। बड़े टूर्नामेंट में आपको एक टीम की तरह खेलना होता है। आपके पास विराट कोहली, रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या जैसे बड़े खिलाड़ी तो हैं, लेकिन इसके साथ-साथ बाकि के आठ दस खिलाड़ी और टीम मैनेजमेंट को भी एक साथ एक लक्ष्य की तरफ बढ़ना होगा।"
हरभजन ने बताया कि बड़े मुकाबलों के नतीजों को अपने हक में करने के लिए टीम को छोटी-छोटी चीजों जैसे एक सिंगल बचाने पर ध्यान देना होगा। हरभजन ने कहा, "छोटी-छोटी कोशिशें जैसे एक सिंगल बचाना या एक एक बेहतरीन रन-आउट, यह सभी ही मायने रखते हैं। तो जब टीम एक यूनिट की तरह खेलती है, वह बड़े नतीजों को अपने हक में करती है, शायद इसलिए 2011 विश्व कप टीम ने ज्यादा बेहतर किया था। प्रतिभा की बात करें तो अब की टीम, हमारी टीम से कई गुना बेहतर है।"