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Raigarh Landslide: पहाड़ी इलाके के कारण बचाव में आ रही बाधा, भारी उपकरणों को ले जाने में परेशानी; जानें सब कुछ

Thu, 20 Jul 2023 04:30 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, मुंबई।

सार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि भूस्खलन स्थल पर खोज और बचाव कर्मियों को क्षेत्र के कठिन पहाड़ी इलाके के कारण बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जहां भारी उपकरणों को नहीं ले जाया जा सकता है।
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रायगढ़ जिले के इरशालवाडी गांव में भूस्खलन के बाद खोज और बचाव अभियान जारी। - फोटो : PTI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लगातार हो रही बारिश की वजह से रायगढ़ जिले के इरशालवाडी गांव में हुए भूस्खलन में कम से कम 16 ग्रामीणों की मौत हो गई और कई लोगों के इसमें फंसे होने की आशंका है। भूस्खलन की यह घटना बुधवार देर रात गांव में एक पहाड़ी की चोटी पर हुई।

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि भूस्खलन स्थल पर खोज और बचाव कर्मियों को क्षेत्र के कठिन पहाड़ी इलाके के कारण बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जहां भारी उपकरणों को नहीं ले जाया जा सकता है। अधिकारी ने कहा कि इलाके में झोपड़ियों तक जाने वाली एक छोटी सड़क बारिश के कारण फिसलन भरी हो गई है, साथ ही अर्थ-मूवर्स और उत्खनन जैसी भारी मशीनरी को वहां नहीं ले जाया जा सकता है।

मैन्युअल रूप से चलाया जा रहा बचाव एवं तलाशी अभियान
बता दें कि इरशालवाड़ी एक आदिवासी गांव है जहां पक्की सड़क नहीं है। मुंबई-पुणे राजमार्ग पर चौक गांव इसका निकटतम शहर है। अधिकारी ने बताया कि अभी तक बचाव एवं तलाशी अभियान मैन्युअल रूप से चलाया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान के लिए दो हेलीकॉप्टर तैयार रखे गए हैं, लेकिन मौसम साफ होने तक वे उड़ान नहीं भर सकते।
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सीएम शिंदे ने घटनास्थल का लिया जायजा
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य में लगे कर्मियों से बात की। उन्होंने वहां संवाददाताओं से कहा, यह गांव भूस्खलन संभावित गांवों की सूची में नहीं था। उन्होंने कहा, अब हमारी प्राथमिकता मलबे के नीचे फंसे लोगों को बचाना है। सीएम ने कहा कि बचाव अभियान के लिए मशीनरी को घटनास्थल पर भेजने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाएगा।

मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद ग्रामीण से जाकर मुलाकात की और उनका हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी और घायलों का सारा इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी। साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से हर तरह की मदद देने का आश्वासन दिया।

अमित शाह ने दिया मदद का आश्वासन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से फोन पर हादसे की जानकारी ली। उन्होंने बचाव अभियान में हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि लोगों को घटना स्थल से बाहर निकालना और घायलों को तुरंत इलाज को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मृतकों को श्रद्धांजलि दी।

75 लोगों को बचाया गया, कई लोगों के फंसे होने की आशंका
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 75 लोगों को बचाया जा चुका है, लेकिन कई लोगों के अभी भी फंसे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की चार टीमें स्थानीय अधिकारियों के साथ बचाव कार्य में लगी हुई हैं। एक अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन दल और कुछ स्थानीय पर्वतारोही भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि गांव में लगभग 50 घर हैं, जिनमें से 17 भूस्खलन के नीचे दब गए। 

एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 21 लोगों को इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने कहा, अधिकारियों ने इरशालवाड़ी बेस पर एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। इस बीच महाराष्ट्र विधान परिषद में बोलते हुए डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि सुदूर इलाके, वाहन योग्य सड़क की कमी और प्रतिकूल मौसम के कारण खोज और बचाव अभियान में बाधा आ रही है।

पवार ने कहा कि इरशालवाड़ी इरसलगढ़ की तलहटी में स्थित है और एक तीव्र ढाल पर है जिससे वहां साइकिल तक जाना मुश्किल हो जाता है। वाहन योग्य सड़क न होने के कारण अर्थ मूविंग मशीनें घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकतीं, जिसके परिणामस्वरूप राहत कार्य मैन्युअल रूप से किया जा रहा है। पवार ने कहा, जहां वाहन योग्य सड़क समाप्त होती है, वहां तक पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है।

उन्होंने कहा कि 150 मजदूर घटनास्थल पर हैं और अतिरिक्त 500 मजदूर बचाव प्रयासों को बढ़ाने के लिए रास्ते में हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित ने कहा कि राहत अभियान के लिए स्टैंडबाय पर रखी गई वायुसेना की दो हेलिकॉप्टर खराब मौसम के कारण उस स्थान के लिए उड़ान नहीं भर पाई हैं, जहां एक अस्थायी हेलीपैड बनाया गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ-साथ मंत्री गिरीश महाजन और अदिति तटकरे भी घटनास्थल पर गए।
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पवार ने अपने जन्मदिन पर समारोह आयोजित नहीं करने को कहा
पवार ने कहा कि गांव में 17 से 19 जुलाई के बीच 449 मिलीमीटर बारिश हुई है। पवार ने कहा कि मेडिकल टीमें गांव पहुंच गई हैं। इस बीच, दिन में जारी एक बयान में पवार ने अपने समर्थकों से 22 जुलाई को उनके 63वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में समारोह आयोजित नहीं करने को कहा और उन्हें भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास प्रयासों के लिए धन दान करने का निर्देश दिया। संयोग से, उनके समर्थकों ने जन्मदिन के उपलक्ष्य में 22-31 जुलाई तक 'अजितोत्सव' आयोजित करने की योजना बनाई थी।

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