कभी रोहित शर्मा को देखकर लगता था कि विनोद कांबली की ही तरह इस प्रतिभाशाली क्रिेकेटर का करियर भी जल्द खत्म हो जाएगा। महसूस होता था कि रोहित अपने नैसर्गिक खेल का इस्तेमाल नहीं कर पाते। यह बात खुद रोहित के अंतर्मन को भी कचोटती रही होगी। इसी आत्ममंथन के दौर में रोहित ने खुद को बदलने का फैसला लिया। बस फिर क्या था हिटमैन के बदलते ही इतिहास बदलने लगे। आज टीम इंडिया के इस धांसू खिलाड़ी का जन्मदिन है।