इंग्लैंड में दो साल पहले हुए वन डे विश्व कप में रोहित शर्मा के बल्ले ने रनों का अंबार लगाया था। विश्व कप से ठीक पहले उनके गुरु दिनेश लाड ने रोहित से कहा था कि उन्हें हर हाल में 10 से 15 ओवर तक टिक कर खेलना है। इस बार टी-20 विश्व कप की टीम में दिनेश के रोहित और शार्दुल ठाकुर के रूप में दो शिष्य टीम में हैं। दिनेश ने दोनों ही शिष्यों को इस बार न सिर्फ गुरु मंत्र दिया है बल्कि गुरु दक्षिणा की भी इच्छा रखी है।
रोहित और शार्दुल से उनकी गुरु दक्षिणा की चाहत विराट कोहली और रवि शास्त्री के लिए विश्व कप जीतना है। विराट का टी-20 में यह कप्तानी का और शास्त्री का बतौर कोच अंतिम विश्व कप है। दिनेश चाहते हैं उनके दोनों शिष्य विराट और शास्त्री की अनूठी विदाई के लिए पूरी जी जान लगा दें।
रोहित विकेट नहीं फेंकना खुद आएंगे रन
दिनेश अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि उन्हें यह विश्वास है कि रोहित के साथ शार्दुल इस विश्व कप में अनोखी भूमिका निभाएंगे। रोहित से उन्होंने यही कहा है कि छोटा संस्करण है यहां खुद से विकेट नहीं फेंकना है खुद रन आएंगे। रोहित ने दो साल पहले भी कोच की सलाह पर पूरा ध्यान दिया था। शार्दुल से उन्होंने कहा है कि वह इस वक्त जैसा कर रहे हैं वहीं करें। ज्यादा प्रयोग नहीं करें। जिस तरह आईपीएल के फाइनल में उन्होंने चौथे और अंतिम ओवर में प्रयोग किए। ऐसा विश्व कप में नहीं करें। शार्दुल ने भी उन्हें ऐसा करने का भरोसा दिलाया है।
रोहित का दाखिला कराया शार्दुल को घर रखा
दिनेश के मुताबिक रोहित को उन्होंने 12 साल की उम्र में ऑफ स्पिनर के रूप में पहचाना। उनका विवेकानंद स्कूल में फीस माफ कर दाखिला कराया। उन्होंने एक दिन दूर से एक लड़के को बैटिंग करते देखा। वह प्रभावित हुए और आगे बढ़े तो देखा यह रोहित हैं। तब से उन्होंने रोहित को बैटिंग में प्रोन्नत किया।
शार्दुल को उन्होंने लंबे समय तक अपने घर पर रखा। वह शुरू से अच्छे बल्लेबाज थे। उन्होंने हैरिस शील्ड में एक ओवर में छह छक्के भी लगाए हैं। उन्हें उम्मीद है शार्दुल विश्व कप में गेंद और बल्ले दोनों से कमाल दिखाएंगे।
रोहित हों या शार्दुल किसी शिष्य से नहीं लिए पैसे
रणजी क्रिकेटर सिद्धेश लाड के पिता और रेलवे में नौकरी करने वाले दिनेश खुलासा करते हैं कि उन्होंने चाहें रोहित हों या फिर शार्दुल या फिर हरमीत सिंह किसी भी शिष्य से पैसे नहीं लिए। यहां तक जिस स्कूल में वह कोचिंग देते हैं वहां भी पैसे नहीं लिए। यही कारण था कि स्कूल ने उनके एक बार कहने पर रोहित की फीस माफ कर दाखिला दे दिया था।