भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है। आईसीसी के समग्र राजस्व पूल का एक बड़ा हिस्सा बीसीसीआई को ही मिलता है, क्योंकि आईसीसी की कमाई का अधिकतर हिस्सा भारत के मैचों से भारतीय फैंस के जरिए मिलता है। भारतीय बोर्ड वैश्विक क्रिकेट स्पेक्ट्रम में एक बड़ी शक्ति है। लेकिन, अन्य शीर्ष बोर्डों की तुलना में बीसीसीआई कितना अमीर है, इसका खिलासा एक रिपोर्ट में किया गया है।
एक रिपोर्ट में शीर्ष रैंकिंग वाले बीसीसीआई और दूसरे स्थान पर मौजूद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बीच की खाई को उजागर किया गया है, जिसमें भारतीय बोर्ड क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की तुलना में 28 गुना अधिक कमाई करता है। बीसीसीआई की कुल संपत्ति 2.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर (18,700 करोड़ रुपये) है।
भारत को एक धर्म की संज्ञा दी जाती है। भारत में क्रिकेट का जो बाजार है, वह पूरी दुनिया में बेजोड़ है। वास्तव में अन्य देश भारतीय टीम की मेजबानी के लिए उत्सुक रहते हैं, क्योंकि टीम इंडिया अपने साथ भारी राजस्व लाती है।
एक स्पोर्ट्स वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई की नेट वर्थ 18,000 करोड़ रुपये से अधिक है, वहीं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की कुल संपत्ति 660 करोड़ रुपये (79 मिलियन अमेरिकी डॉलर) है। रिपोर्ट के अनुसार, चार्ट में तीसरे स्थान पर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) है, जिसकी नेट वर्थ 59 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। बीसीसीआई शीर्ष 10 बोर्डों की कुल संपत्ति का लगभग 85% हिस्सा है।
रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि 10 दिसंबर से शुरू होने वाले भारत के आगामी दौरे से क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के राजस्व को कितना बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
भारत के खिलाफ 30 दिनों के क्रिकेट से दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड के पर्स में लगभग 68.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर आने की उम्मीद है। इसका मतलब है प्रति मैच लगभग 8.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर, या प्रति दिन 2.29 मिलियन अमेरिकी डॉलर। दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड आर्थिक रूप से समृद्ध बोर्ड नहीं है, लेकिन इस धनराशि से पिछले तीन वित्तीय वर्षों में हुए 6.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर, 10.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर और 11.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर सीएसए के घाटे को खत्म करने की उम्मीद है।
इंडियन प्रीमियर लीग की बढ़ती लोकप्रियता, महिला प्रीमियर लीग की शुरुआत के साथ, बीसीसीआई का राजस्व पूल खेल में और भी अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचने वाला है।