उन्होंने आगे कहा, 'हां, अब उनका अनुबंध खत्म होने वाला है। अगर राहुल भाई मुख्य कोच बनकर श्रीलंका गए हैं तो कहीं न कहीं यह साफ संकेत हैं कि वे मुख्य कोच पद की कतार में हैं। अगर कोई है जो कोच के रूप में रवि शास्त्री की जगह ले सकता है, तो वे व्यक्ति राहुल द्रविड़ ही हैं।' सोढ़ी का मानना है कि अगर ये अस्थाई व्यवस्था होती तो वे श्रीलंका दौरे में जाने से इनकार कर सकते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे दिग्गज खिलाड़ी कभी अस्थाई विकल्प नहीं हो सकते हैं। बता दें कि राष्ट्रीय क्रिकेट के प्रमुख राहुल द्रविड़ ने पिछले कुछ वर्षों में कोच के तौर पर अच्छा काम किया है। उनकी कोचिंग में भारत ने न्यूजीलैंड में अंडर 19 का वर्ल्ड कप जीता था। उन्होंने पृथ्वी शॉ, शुभमन गिल, मोहम्मद सिराज, मयंक अग्रवाल, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों को तराशने का काम किया, जो आज टीम इंडिया के लिए खेल रहे हैं। इनकी कामयाबी के पीछे राहुल द्रविड़ की अपार मेहनत है। राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम का कोच बनने के लिए आवेदन करने की बजाए अंडर-19 और इंडिया-ए टीम को कोचिंग देना बेहतर समझा, ताकि भारत की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत हो सके।
श्रीलंका दौरे पर शिखर धवन टीम के कप्तान हैं जबकि राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख राहुल द्रविड़ को मुख्य कोच बनाया गया है। यह दौरा टी-20 विश्व कप के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। वहीं, भुवनेश्वर कुमार को उप कप्तान नियुक्त किया गया। इस दौरे पर गई टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं। इस दौरे पर पांच खिलाड़ियों को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया, जिसमें के गौतम, देवदत्त पडीक्कल, नीतिश राणा, ऋतुराज गायकवाड़ और चेतन सकारिया शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के पास अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अनुभव नहीं है। श्रीलंका दौरे पर युवा बल्लेबाज देवदत्त पडीक्कल और पृथ्वी शॉ पर भी सभी की निगाह टिकी रहेगी। टीम में इशान किशन और संजू सैमसन के रूप में दो विकेटकीपर भी हैं।